चाट मसाला, जिसे फल-आलू चाट पर छिड़कर खा रहे हो, उसमें चूहे के बाल, मल-मूत्र, धूल, कंकड़ और रंग मिले हैं। सरसों के तेल में हानिकारक एसेंस पाया गया और दूध नकली मिला है। पनीर से वसा गायब तो दाल में भी रंग मिला हुआ पाया।
ये चौंकाने वाली रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में आई है। विभाग को शुक्रवार को 195 खाद्य सामग्री रिपोर्ट मिली है। इसमें 82 नमूने फेल पाए गए हैं। डरने वाली बात इसलिए भी कि इसमें दूध, चाट मसाला, अरहर की दाल समेत 14 खाद्य सामग्री सेहत के लिए असुरक्षित बताई गई हैं।
विभाग इन पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला अभिहित अधिकारी देवाशीष उपाध्याय ने बताया कि 82 नमूने फेल हुए हैं। 14 सामग्री के नमूने तो सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
यहां से लिए गए नमूने
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एत्माद्दौला निवासी मोहम्मद ताहिर पुत्र मोहम्मद जमील के यहां से चाट मसाला का नमूना लिया। इसमें चूहे का मल-मूत्र, चूहे के बाल, धूल-कंकड़, नकली नारंगी और पीला रंग मिला। डरे लाल पुत्र राम सिंह और नरेश पुत्र अमर सिंह निवासी गांव नरि डौकी में नकली दूध मिला। तरल-डिटरजेंट पाउडर, महुआ का तेल, घातक रसायनों से बनाया जा रहा था। मोहन गुप्ता पुत्र जगदीश गुप्ता शमसाबाद रोड फतेहाबाद और शाहगंज रोड बोदला निवासी पीयूष गर्ग पुत्र राजेंद्र प्रसाद गर्ग के यहां से सरसों का तेल का नमूने की रिपोर्ट में नकली रंग, वाटर येलो (रसायन) पाया गया। श्यामबाबू सिंह पुत्र कृपाशंकर सिंह निवासी डौकी के यहां से अरहर की दाल की रिपोर्ट में सिंथेटिक रंग और ट्रेटाजीन पाई गई।
ये रही खाद्य सामग्री की रिपोर्ट
रिपोर्ट
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दूध: 42 में से 11 फेल
खोआ: 14 में से पांच फेल
पनीर: आठ में से चार फेल
सरसों का तेल: 13 में से चार फेल
रिफाइंड: 19 में से 13 फेल
मसाले: 19 में से छह फेल
दूध सामग्री: 13 में से तीन फेल
बेसन: नौ में से सात फेल
दाल: पांच में से दो फेल
मिठाई: सात में से दो फेल
बेकरी प्रोडक्ट: सात में से छह फेल
नमकीन: पांच में से एक फेल
सॉस: 21 में से 11 फेल