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Agra News: सीएम के आदेश के बाद आगरा में भी बांग्लादेशियों की तलाश

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आगरा पुलिस 
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आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद आगरा में भी पुलिस ने बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की तलाश शुरू कर दी है। सदर और सिकंदरा थाना क्षेत्र में पूर्व में बांग्लादेशियों की बस्तियां पकड़ी जा चुकी हैं। इसको देखते हुए यहां पर विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों के संपर्क में आए लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र में रहने वाले घुसपैठियों की पहचान कराएं। उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जल्द ही डिटेंशन सेंटर भी खोले जाएंगे। सत्यापन कार्य पूरा होने तक सभी को रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि अवैध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर आगरा की बात करें तो यहां पर कई बार बांग्लादेशी पकड़े जा चुके हैं।
वर्ष 2017 में एत्माद्दाैला थाना क्षेत्र से फातिमा नामक महिला पकड़ी गई थी। वह सुशील नगर में रह रही थी। उससे एनआईए और यूपी एटीएस ने पूछताछ की थी। वह नकली नोटों के मास्टरमाइंड अब्दुल सलाम के साथ काम करती थी। वह ठेल विक्रेताओं तक नोट पहुंचाया करती थी। इसके बाद नोट बाजार में चल जाते थे। फातिमा बांग्लादेश की रहने वाली थी। उसने आगरा में ठिकाना बनाया था। इससे पहले सदर क्षेत्र में भी बांग्लादेशियों की बस्ती मिली थी। सभी कबाड़ बेचने और खरीदने का काम करते थे।
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फरवरी 2023 में पुलिस ने आवास विकास काॅलोनी, सिकंदरा के सेक्टर-14 में एक स्थान पर बस्ती बनाकर रह रहे 28 बांग्लादेशियों को पकड़ा था। सभी फर्जी आधार और पैनकार्ड बनवाकर रह रहे थे। उनसे 35 आधार कार्ड और 1 पैनकार्ड भी बरामद हुआ था। उनके खिलाफ थाना सिकंदरा में विदेशी अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस आधार पर 18 बांग्लादेशियों को दोषी पाते हुए 3-3 साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
अब मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अलर्ट जारी कर दिया गया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की धरपकड़ के लिए कई बार अभियान चलाया गया है। पहले से ही आईबी और एलआईयू नजर रखे हुए है। इसको लेकर लगातार माॅनीटरिंग की जाती है। अवैध रूप से भारत आकर रहने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।



कबाड़े का कारोबार करते हैं बांग्लादेशी
पूर्व में पुलिस ने कई बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। सभी कबाड़ खरीदने और बेचने का कारोबार करते मिले थे। यह लोग एक साथ रहते हैं। बस्ती बना लेते हैं और पहचान छिपाकर आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बना लेते हैं। कारोबार करने के कारण इन पर आम लोगों की नजर नहीं जाती है। जब पकड़े जाते हैं तो पूरा मामला सामने आ जाता है।
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