वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी, ठाकुर राधाबल्लभ लाल, स्वामी हरिदास महाराज, चेतन्य महाप्रभु के शृंगार में सजने वाले फूल कोरोना के प्रकोप के बाद खेतों में सड़ने को मजबूर हैं। वृंदावन में फूलों का बगीचा करने वाले 200 से अधिक परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। 50 से अधिक बगिया से निकलने वाले 100 टन से अधिक फूल बेकार हो रहे हैं।
इन परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। कालीदह, गऊघाट, बराह घाट आदि स्थानों पर सैनी समाज तथा निषाद समाज के लोगों फूलों के बगीचे हैं। बगीचों में गुलाब, गुलदावरी और गैंदा आदि के फूल उगे हुए हैं। इन फूलों को ठाकुर बांकेबिहारी जी मंदिर, राधा बल्लभ जी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, निधिवन राज तथा रंगजी मंदिर के आसपास बेचा जाता था पंरतु अब फूलों को तोड़कर खेतों में फेंका जा रहा है, जिससे लाखों रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है। जिन परिवारों की इससे रोजी रोटी चलती है उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है और वह किसी प्रकार से घर चला रहे हैं।
कोरोना और अधिक चला तो हम बरबाद हो जाएंगे
हमारे पास फूलों का बगीचा है। उसमें गुलदावरी गैंदा आदि के फूल हैं। जिन्हें हम बिहारी जी मंदिर पर ले जाते थे लेकिन कोरोना के चलते फूलों की बिक्री नहीं हो रही है। यदि कुछ दिन और कोरोना चला तो हम बरबाद हो जाएंगे।
- रूपकिशोर रतन, वृंदावन
प्रतिदिन 50 टन फूल बिक जाता था
प्रतिदिन करीब 50 टन गैंदा, गुलदावरी तथा अन्य फूल हमारी बगिया में हो रहे हैं। कोरोना के चलते लॉकडाउन है जिससे हम अपने फूलों को बेच नहीं पा रहे हैं। हमें काफी नुकसान हो रहा है।
- कमल रतन, वृंदावन
फूल खेतों में फेेंक रहे हैं
हम फिलहाल फूलों को खेतों में फेंक रहे हैं। इन फूलों से कभी हमें अच्छी आय हो जाती थी लेकिन अब हमें काफी नुकसान हो रहा है। जिसके चलते काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन की ओर से हमें कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
- भोले सैनी, माली पाड़ा