बाजार में कई ब्रांडों का मिलावटी आटा बिक रहा है। इसे खाने से सेहत बिगड़ने के साथ गंभीर रोगों का भी खतरा है। लखनऊ की टीम ने छापेमारी के दाैरान आगरा में एक बड़ी मिल को सील किया है। मिल में मिलावटी आटा तैयार किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने फतेहपुर सीकरी स्थित समृद्धि आयल मिल पर छापा मारकर सेलखड़ी मिलाकर आटा की कालाबाजारी का खेल पकड़ा। टीम ने 31.50 क्विंटल सेलखड़ी-आटा जब्त किया है। मिल, मशीनों को सील कर बिक्री पर रोक लगा दी है। 10 घंटे तक चली कार्रवाई में लाइसेंस निलंबित करते हुए जांच के लिए चार नमूने लैब भेजे हैं। संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि गोपनीय सूचना पर कई दिन रैकी करने के बाद लखनऊ और स्थानीय अधिकारियों की टीम ने फतेहपुर सीकरी जौताना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर दोपहर में छापा मारा। मौके पर संचालक अमित कुमार निवासी जौतना डाबर रोड फतेहपुर सीकरी मिले। मिल का निरीक्षण करने पर टीम दंग रह गई। यहां कई कट्टों में सेलखड़ी भरी हुई थी।
समृद्धि, उत्तम और श्याम भोग ब्रांड के आटे के 5, 10 और 12 किलो के पैकेट मिले। शुरुआती जांच में आटे में सेलखड़ी की पुष्टि हुई। इनका वजन कराने पर 1800 किलो सेलखड़ी (30150 रुपये) और तीन ब्रांड का 18900 रुपये कीमती 1350 किलो आटा मिला। कुछ मात्रा में गेहूं मिला, जो घटिया था। गोदाम को सील करते हुए मिलावटी आटा और सेलखड़ी सीज कर दिया है। तीनों ब्रांड के आटे और सेलमखड़ी का नमूना लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिया है।
मसालों के नाम पर लाइसेंस, नकली आटे का खेल
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि फर्म का लाइसेंस मसालों के नाम पर लिया था, लेकिन यहां पर मसालों के बजाय मिलावटी आटा तैयार किया जा रहा था। इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। इसके बाद प्रक्रिया अपनाते हुए निरस्त भी किया जाएगा।
कई राज्यों में मिलावटी आटे की कालाबाजारी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में ये उत्तर प्रदेश के अलावा आगरा से सटे राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई जिलों में मिलावटी आटा की कालाबाजारी करता है। ये पशु आहार भी तैयार करता है। 28 रुपये किलो के भाव से आटे की बिक्री करता है।
घटिया आटे को चमकदार बनाने को मिलाते सेलखड़ी
सहायक आयुक्त खाद्य ने बताया कि पूछताछ में संचालक ने बताया कि घटिया गेहूं की खरीद कर आटा तैयार कर तीन ब्रांड से बाजार में खपाता है। खराब गेहूं के चलते आटे का रंग काला हो जाता है, इसको चमकदार बनाने के लिए सेलखड़ी मिलाई जाती है।
ऐसे करें पहचान
एक कटोरी आटे में नीबू की कुछ बूंद मिलाने पर बुलबुले उठने पर आटा मिलावटी है। दूसरा तरीका ये है कि गिलास में पानी और आटा डालकर चम्मच से मिलाने पर आटा तली में बैठ जाएगा तो ये मिलावटी है। हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। मिलावटी आटे में चिकनाहट और खुरदरा होने पर असली होगा। मिलावटी और नकली की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 18001805533 और 0562-2970049 पर शिकायत कर सकते हैं।
पथरी और आंतों में रुकावट का खतरा
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है कि सेलखड़ी शरीर में पहुंचकर पेट रोग की वजह बनती है। पेट में अल्सर, दर्द, अपच और आंतों में रुकावट हो सकती है। इसके बारीक कण एकत्रित होने से गुर्दे में पथरी का खतरा भी अधिक है। टीबी भी बन सकती है।