फोटो12सोरोंजी के बाढ़ प्रभावित गांव लहरा में किसानों को फसलों की क्षति का आंकलन के बारे में जान
कासगंज। गंगा के प्रवाह में लगातार उतार चढ़ाव चल रहा है, लेकिन पिछले 48 घंटे से जलस्तर स्थिर बना हुआ है। अगले 24 घंटे में जलस्तर में आंशिक वृद्धि की आशंका है। इन सबके बीच राहत की बात यह है कि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर नीचे हैं। ग्रामीण इलाकों व खेतों से पानी की निकासी होने लगी है। ऐसी स्थिति में प्रशासनिक टीमें फसलों की क्षति के आकलन करने में जुट गईं हैं।
जिले में बाढ़ की त्रासदी का सामना करीब 50 गांव के लोगों ने किया। प्रभावित इलाकों के किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि बाढ़ से जलमग्न हो गई। इससे मक्का, बाजरा, धान की फसलों के अलावा सब्जियों की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गईं। लगातार बाढ़ का पानी भरा रहने के कारण सर्वेक्षण नहीं हो पाया था। अब गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे पहुंचने के बाद प्रभावित इलाकों से पानी की निकासी हुई है। फसलों के सर्वेक्षण का काम शुरू हो गया है। बाढ़ की चपेट में सदर तहसील के करीब 20 गांव पटियाली के 30 से अधिक गांव चपेट में आए। पटियाली के कई इलाकों व खेतों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। ग्रामीण नाव से आवागमन को मजबूर हैं। सदर तहसील की टीम ने सोरोंजी इलाके के प्रभावित गांव में फसलों का सर्वेक्षण किया। पटियाली इलाके में लेखपालों की टीम लगातार सर्वेक्षण कर रही है। अभी तक 500 हेक्टेयर से अधिक प्रभावित फसलों का ब्यौरा टीम संकलित कर चुकी हैं। सर्वेक्षण पूरा होने के साथ ही किसानों को आर्थिक सहायता वितरित की जाएगी। यह सहायता सीधे उनके खातों में पहुंचेगी।
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