कासगंज। गंगा में उफान तेजी पर है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में करीब 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। जिले में गंगा खतरे के निशान से 1.55 मीटर नीचे बह रही है। यदि पानी बढ़ने का यह सिलसिला यूं ही लगातार जारी रहता है तो जलस्तर और बढ़ सकता है। गंगा में उफान आने के बाद जिले के लो फ्लड और मीडियम फ्लड के लिए चिह्नित किए गए तटीय गांव की खादर तक गंगा का पानी पहुंच चुका है। पानी के दबाव से बांधों पर खतरा बढ़ा है। वहीं बरौना गांव में भी कटान की आशंका बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए सिचाई विभाग सक्रिय है और लगातार निगरानी में जुटा है। फिलहाल गनीमत है कि कहीं भी आबादी क्षेत्र तक पानी की दस्तक नहीं हुई है। तीन दिन पूर्व उत्तराखंड में बादल फटने के बाद वहां मूसलाधार बारिश के हालात बन गए। जिससे हरिद्वार में गंगा का उफान डेंजर लेबल को क्रॉस कर गया। पानी का दबाव कम करने के लिए आगे के बैराजों से पानी छोड़ा गया। नरौरा बैराज से पिछले 24 घंटे में करीब 37 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया। सुबह 8 बजे 1.65 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। जिससे जिले में गंगा का जलस्तर मीडियम फ्लड लेबल पर पहुंच गया। बाढ़ आपदा तेज बनने के आसार बन गए। इसको लेकर सिंचाई विभाग सतर्क हो गया। डीएम मेधा रूपम ने सिंचाई विभाग को कड़ी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खादर के इलाकों में पहुंचकर बाढ़ के हालात का जायजा लिया और कच्चे बांध पर दबाव को देखा। 70 से अधिक गांव की खादर तक गंगा के पानी का प्रभाव पहुंचने लगा है। लहरा में सड़क किनारे खादर में बाढ़ का पानी आ गया है। वहीं दतलाना और बघेला की खादर तक पानी की दस्तक हो चुकी है। उढ़ेर और दतलाना बांध पर भी पानी का दबाव बढऩे लगा है। सहवाजपुर बांध पर भी गंगा के पानी का दबाव बढ़ रहा है और प्रवाह तेज हुआ है। पटियाली के देवकली, किलौनी, किसौल की खादर में भी लगातार पानी बढ़ता जा रहा है। कटान प्रभावित बरौना गांव में पानी भरने से ग्रामीण चिंतित हैं, लेकिन अभी तक तटबंध सुरक्षित हैं।