कासगंज। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में कछला गंगा पुल पर जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़ कर 163.50 दर्ज किया गया है। इससे सिचाईं विभाग ने लो फ्लड का अलर्ट जारी कर दिया है। बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा की धार अब कादरगंज, मिहौला सहित अन्य बांधों से जा टकराई है। इससे किसान चिंतित हैं।
बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ने से पानी अब गंगानदी में तेजी से छोड़ा जा रहा है। इससे कछला में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को नदी में बढ़ते जल स्तर के कारण लो फ्लड हो गया। बुधवार शाम तक को गंगा नदी से 90,000 क्यूसेक तक पानी पास हो रहा था यह बृहस्पतिवार सुबह 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा हो गया।
इससे लो फ्लड के हालात बन गए। बाढ़ के हालातें के मद्देनजर तराई क्षेत्र के किसानों की चिंताएं बढ़ गई। साथ ही सिंचाई विभाग ने भी निगरानी बढ़ा दी है। सिंचाई विभाग की टीमें गंगा नदी के किनारे बाढ़ की स्थिति देख रहे हैं। बढ़ता जलस्तर गंगा की धार को बांधों तक ले पहुंचा है। यह धार फसली भूमि की ओर बढ़ती नजर आ रही है। सिंचाई विभाग ने आशंका जताई है कि इसी तरह जलस्तर बढ़ा रहेगा। क्योंकि पहाड़ों के साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश हो रही है।
नहर नदियां भी फुल
बैरोजों के पानी के दबाव से नहर और काली नदी भी फुल हो गई हैं। कासगंज सिंचाई विभाग के अधीन नहरों में सिर्फ गोरहा नहर है, इसमें 1100 क्यूसेक पानी की क्षमता है, जिसमें क्षमता के अनुसार पूरा पानी छोड़ा जा चुका है।
बृहस्पतिवार के जलस्तर पर एक नजर -
83182 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया
134438 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया
105431 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया
यह होती है पानी छोड़ने की स्थिति
30 हजार से 1 लाख क्यूसेक तक ऑर्डीनरी फ्लड
1 लाख से 1.5 लाख तक लो फ्लड
1.5 लाख से 2.5 लाख तक मीडियम फ्लड
2.5 लाख से 3.0 लाख क्यूसेक तक डेंजर फ्लड
3.0 लाख से अधिक पर हाई फ्लड
गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण लो फ्लड हो गया है। अभी दो तीन दिनों तक जलस्तर बढ़ता रहेगा। सिंचाई विभाग की टीमें पूरी तरह निगरानी में लगी हैं। - अरुण कुमार, अधिशाषी अभियंता सिंचाई।