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बदायूं की ओर मुड़ी गंगा की धार, तेज हुआ कटान

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कासगंज। कछला गंगानदी की धार पटियाली में कटान के संकेत देने के बाद अब बदायूं जिले की ओर मुड़ गई है। धार इतनी तेज है कि बदायूं जनपद के गंगा किनारे के गांव में कई मकान गंगानदी में समा गए हैं। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। गंगा के जलस्तर और कटान की आशंका के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी गई है।
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बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण पिछले दिनों गंगानदी का जलस्तर बढ़ गया था। फिलहाल बैराजों से पानी का दबाव कम होने के कारण जलस्तर दो दिन से 163.10 पर स्थिर है। लेकिन कटान का खतरा लगातार बरकरार है। कुछ दिन पहले पटियाली क्षेत्र के मेहोला और निबिया गांव में कटान कर चुकी गंगा की धार अब बदायूं जिले की ओर मुड़ गई है।
यहां कई गांव में मकान गंगानदी में ढह गए हैं। कासगंज सिंचाई विभाग निरंतर बदायूं सिंचाई विभाग के संपर्क में हैं। गंगानदी के जलस्तर पर सिंचाई विभाग नजर बनाए हुए है। सभी सींच पर्यवेक्षकों को और अवर अभियंताओं को क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए हैं।
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रेलवे भी अलर्ट, निगरानी तेज
गंगानदी के कटान और बाढ़ के खतरे के मद्देनजर रेलवे भी अलर्ट है। वर्ष 2010 में कछला पुल से पहले ट्रेन का इंजन गंगा में समा गया था। तब से संवेदनशीलता और बढ़ गई। इज्जतनगर मंडल के डीआरएम दिनेश कुमार ने अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं कि वे कछला गंगानदी की निगरानी करते रहें।
राजस्व टीमों को सतर्क रहने के निर्देश
जिला प्रशासन ने राजस्व टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सभी एसडीएम ने तराई क्षेत्र के गांव में तैनात लेखपालों को निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
छोड़े गए पानी का लेखा-जोखा
- 55326 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 40330 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 41374 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
- कछला गंगानदी में कासगंज जिले की सीमा में अभी न कोई कटान का खतरा है और न कोई बाढ़ का। फिर भी पूरी तरह गंगानदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। - अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।
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