कासगंज। पिछले दो दिन में 20 सेंटीमीटर जलस्तर कम होने से गंगा किनारे के लोगों ने राहत की सांस ली है। उधर जलस्तर बढ़ने की संभावना को लेकर सिंचाई विभाग ने पानी डायवर्ट करने की योजना बनाई है। इसके तहत नहरों और अन्य सहयोगी नदियों में पानी छोड़ा जाएगा। ताकि पानी माइनर और टेल पहुंच सके और किसानों को सिंचाई का भी लाभ मिले।
पहाड़ों पर बारिश के बाद गंगानदी में पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार, बिजनौर, नरौरा बैराज से प्रतिदिन पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है। पिछले दिनों पानी का दबाव बढ़ने से गंगा में जलस्तर बढ़ गया। फिर से बैराजों में पानी का दबाव कम हुआ तो जलस्तर भी कम हो गया है। पिछले दो दिन में में गंगानदी का जलस्तर 20 सेंटीमीटर तक कम होकर 163.40 मीटर हो गया है।
मंगलवार को यह 163.50 था। अब पानी का और दबाव कम करने के लिए सिंचाई विभाग नहर और नदियों में पानी डायवर्ट करने की योजना बना रहा है। बुधवार को 11 हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ भी दिया गया है। नहर और नदियों का पानी माइनर और टेल तक पहुंचाया जाएगा।
इतना छोड़ा गया पानी
- 55924 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोड़ा गया।
- 46843 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
- 61421 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
वर्जन
- गंगानदी में जलस्तर कम हुआ है। बाढ़ के कोई हालात नहीं हैं। बैराजों से नहर और अन्य सहयोगी नदियों में पानी छोड़ा जा रहा है- अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई।