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नरौरा से और बढ़ा डिस्चार्ज, मीडियम फ्लड की ओर गंगा 15-08-44

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कासगंज। गंगानदी में लगातार पिछले कई दिनों से जलस्तर बढ़ रहा है। इससे मीडियम फ्लड के हालात बनते जा रहे हैं। अब नरौरा बांध का डिस्चार्ज काफी बढ़ चुका है। इसी का परिणाम है कि पिछले छह दिन में कुल 1.55 मीटर जलस्तर में दर्ज की गई है। वहीं रविवार को भी जलस्तर में 25 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है। इससे जलस्तर 163.55 हो गया है। हालांकि यह खतरे के निशान 165 मीटर से अभी भी पीछे है।
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रविवार को गंगा में नरौरा बांध से 95 हजार 866 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। हालांकि हरिद्वार से पिछले दो दिन की तुलना में पानी कम छोड़ा गया। यहां से 60 हजार 353 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रहा। पिछले दो दिन में यहां से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा था। बिजनौर बांध से भी 55 हजार 238 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
अब नरौरा से पानी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक होते ही जिले में मीडियम फ्लड के हालात बन जाएंगे। बढ़ते जलस्तर से तटवर्तीय ग्रामीण इलाकों में खलबली मचने लगी है। ग्रामीण अब खुद भी गंगा के जलस्तर की निगरानी करने लगे हैं। हालांकि अभी पूरे जिले में कहीं बाढ़ जैसा कोई खतरा नहीं है। केवल तटबंधों के कटान को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है।
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गंगा के तटवर्तीय गांव दतलाना के हरिओम ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन अभी कोई खतरा नहीं है। पटियाली के कादरगंज के असलम खान ने बताया कि गंगा की धारा तेज होने से कटान मेहोल व आस पास के इलाकों में हो रहा है। लेकिन अभी किसी गांव की ओर कटान का रुख नहीं हुआ है।
पिछले 6 दिनों का कछला ब्रिज पर जलस्तर
28 जुलाई- 162 मीटर
29 जुलाई- 162.10 मीटर
30 जुलाई- 162.40 मीटर
31 जुलाई- 162.90 मीटर
1 अगस्त- 163.30 मीटर
2 अगस्त- 163.55 मीटर
- गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नरौरा से एक लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज होने पर मीडियम फ्लड का स्तर हो जाएगा। अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। क्योंकि हरिद्वार और बिजनौर पर पानी का डिस्चार्ज घटा है। तटवर्तीय इलाकों में सतर्कता जारी है- पंजाबी शर्मा, प्रभारी बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई।
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