कासगंज। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगानदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को जलस्तर में 50 सेंटीमीटर का इजाफा हो गया है। अब कछला गंगा घाट पर जलस्तर 162.90 सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाके के लोगों की चिंताएं बढ़ गईं हैं। सिंचाई विभाग भी अलर्ट पर है। बढ़े हुए जलस्तर को लेकर निगरानी की जा रही है।
बैराजों से गंगा में लगातार पानी का डिस्चार्ज जारी है। शुक्रवार को भी हरिद्वार से 1 लाख32 हजार 126 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बिजनौर से 63715 और नरौरा से 50758 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया। का डिस्चार्ज था। हरिद्वार और बिजनौर बांध से गंगा में पानी का दबाव बढ़ने पर नरौरा बैराज से डिस्चार्ज बढ़ गया।
इसी के चलते कछला ब्रिज पर जलस्तर में 50 सेंटीमीटर बढ़ गया। बृहस्पतिवार यहां का जलस्तर 162.40 मीटर के निशान पर था। यह शुक्रवार को बढ़कर 162.90 मीटर के निशान पर पहुंच गया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को लेकर तटवर्ती इलाके के लोगों में चिंताएं हैं। कादरगंज के असलम खान ने बताया कि गंगा का पानी बढ़ने के कारण आगामी समय में बाढ़ और कटान के संकेत मिलने लगे हैं। कुछ समय पूर्व मेहोल में कटान हुआ था जिसे सिंचाई विभाग ने स्टैंड बनाकर रोका है।
- नरौरा से पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है। अभी साधारण स्तर की बाढ़ के हालात हैं। चूंकि बरसात का समय है। आगे और भी जलस्तर बढ़ेगा, लेकिन अभी जिले में बाढ़ की फिलहाल कोई आशंका नहीं है, लेकिन सिंचाई विभाग सक्रिय है और कच्चे बांधों की भी निरंतर निगरानी कर रहा है। बांधों में जहां भी रिसाव है वहां मरम्मत कराई गई है। - पंजाबी शर्मा, प्रभारी बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई।