चेतावनी बिंदु को पार करते हुए यमुना का पानी खेत, सड़क व रास्तों में भरने लगा है। यमुना किनारे स्थित स्ट्रेची ब्रिज के नीचे सड़क तक पानी भर गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वालों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से यमुनोत्री से ताजमहल तक यमुना उफान पर है। मंगलवार रात आठ बजे वॉटर वर्क्स पर यमुना चेतावनी स्तर से ऊपर निकल गई। मोक्षधाम में पानी भर गया। इससे दाह संस्कार करने में लोगों को परेशानी हुई। वहीं 15 गांवों में बाढ़ का खतरा है। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में मुनादी कराई है।
विज्ञापन
शुक्रवार तक यमुना का जलस्तर पांच फीट और बढ़ने की आशंका है। इस पर एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने मंगलवार को तटवर्ती इलाकों का सर्वे कराया। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अस्थायी राहत केंद्र बनाए हैं। सात बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। बाढ़ की स्थिति में राहत सामग्री वितरित की जाएगी। यमुना का चेतावनी स्तर 495 फीट है।
मंगलवार रात 8 बजे वॉटर वर्क्स पर यमुना जलस्तर 495.3 फीट तक पहुंच गया। 499 फीट बाढ़ का स्तर है। चेतावनी बिंदु को पार करते हुए यमुना का पानी खेत, सड़क व रास्तों में भरने लगा है। यमुना किनारे स्थित स्ट्रेची ब्रिज के नीचे सड़क तक पानी भर गया। यमुना में गिरने वाले नाले बैक मार रहे हैं। नदी किनारे बसे गांवों में अफरातफरी शुरू हो गई है।
बाढ़ नियंत्रण प्रभारी एवं एडीएम वित्त शुभांगी शुक्ला ने बताया कि अगले दो दिन आगरा में यमुना जलस्तर और बढ़ेगा। 22 अगस्त तक वॉटर वर्क्स पर यमुना का जलस्तर 500 फीट हो सकता है। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को हथिनीकुंड बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह शुक्रवार तक आगरा पहुंच जाएगा।
इसके अलावा यमुना में गिरने वाली सहायक नदियों से भी जलस्तर में वृद्धि हो रही है। मंगलवार सुबह आठ बजे ओखला बैराज से यमुना में 91,212 क्यूसेक और मथुरा स्थित गोकुल बैराज से 87,079 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
विस्थापितों के लिए बनाए बाढ़ राहत केंद्र
एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने बताया कि यमुना में बाढ़ की आशंका पर तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। विस्थापित होने वाले लोगों के लिए बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। सात बाढ़ चाैकियों पर कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। आठ राजस्व गांव प्रभावित हो सकते हैं। मोटर बोट, राहत सामग्री, टेंट व अन्य सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। उफान पर आई यमुना ताजमहल के पार्श्व में दीवार को छू सकती है। बल्केश्वर व फाउंड्री नगर में भी लोग बढ़ते जलस्तर से परेशान हैं।
इन गांवों में यमुना ने उड़ाई लोगों की नींद
यमुना में बाढ़ आने पर करीब 40 गांव प्रभावित होते हैं। फिलहाल 15 गांव में खतरा है। जलस्तर 500 फीट होने पर तनौरा, नूरपुर, कैलाश, स्वामी बाग, भरापुर, बमरौली, ईदौन, मड़ायना समेत 15 गांवों में यमुना के उफान से लोगों की नींद उड़ गई है। शहर में नगला बूढ़ी, दयालबाग स्थित अमर विहार, मोती महल, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती, अप्सरा टॉकीज और वेदांत मंदिर से यमुना किनारा होते हुए आगरा किला तक जलभराव हो सकता है।