कासगंज। मंगलवार को गंगा का उफान तेज हो गया। नरौरा से मीडियम फ्लड लेविल के निकट का डिस्चार्ज होने के कारण 40 से अधिक तटवर्ती इलाके के गांव तक पानी की दस्तक पहुंच गई। खेत, खलिहानों और गैर आबाद क्षेत्रों में बाढ़ का काफी पानी पहुंच गया है। वहीं कई गांव में आबादी तक पानी की दस्तक पहुंच गई है। खेतों में पानी भरा होने के कारण पशुओं के लिए हरा चारे का संकट पैदा हो गया है।
हरिद्वार और बिजनौर से सोमवार के मुकाबले डिस्चार्ज कम हुआ, लेकिन इन बैराजों पर सोमवार को डिस्चार्ज अधिक था जिसके कारण नरौरा पर दबाव बढ़ा हुआ था। सुबह आठ बजे नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ा। डिस्चार्ज बढ़कर मीडियम फ्लड लेवल से केवल 12 हजार क्यूसेक कम था। जिससे मंगलवार की रात से उफान और तेज होने लगा। गंगा के बढ़ते पानी का असर तटवर्ती इलाकों में काफी बढ़ चुका है। लहरा, डिंगलेस नगर इलाके की आबादी तक पानी की दस्तक है। उढ़ेर, दतलाना, बघेला के गांव के गैर आबाद इलाकों में खेतों में पानी भरा पड़ा है।
वहीं देवकली, बमनपुरा, किसौल, किलौनी में भी आबादी तक पानी की दस्तक हो चुकी है। ग्रामीणों ने अपने पशु ऊंचे स्थान पर बांधने शुरू कर दिए हैं। पानी और बढने पर यह दिक्कतें बढ़ेंगी। घूरनपुर, मनिकापुर, चंदवा खास, हसनपुर, सनौड़ी, कादरगंज, बस्तौली, ब्रह्मपुर, गजौरा सहित अन्य इलाकों में भी आबादी के बीच पानी की दस्तक पहुंचने की आशंका बनी हुई है। मीडियम फ्लड की स्थिति में 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। सिंचाई विभाग लगातार ऐसी स्थिति में बांधों की निगरानी कर रहा है। कछला गंगाघाट पर घाट की सड़क तक पानी की दस्तक हो चुकी है। दुकानदारों ने घाट पर लगीं दुकानें भी समेट लीं हैं।
गंगा में जलस्तर बढ़ रहा है। नरौरा से डिस्चार्ज बढने के कारण मीडियम फ्लड कभी भी हो सकता है। तटवर्ती इलाकों को अलर्ट कर दिया गया है- अरूण कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई।