पहाड़ों और मैदानी इलाकों की बारिश जहां तबाही मचा रही है, वहीं गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कासगंज में मंगलवार को गंगा का जलस्तर बाढ़ के लेबल पर जा पहुंचा।
विज्ञापन
नरौरा से लगातार पानी का दबाव बढ़ने से तटवर्ती इलाकों को खतरा बना हुआ है। कभी भी बढ़ा हुआ जलस्तर तटवर्ती ग्रामीण इलाकों में दस्तक दे सकता है। तटीय इलाके के लोग पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहे हैं।
गंगा में पिछले कई दिनों से लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। मंगलवार को यह जलस्तर मीडियम फ्लड लेबल के दायरे में आ गया। कछला गंगा ब्रिज पर गंगा का जलस्तर 163.75 के निशान पर था।
विज्ञापन
लगातार छोड़ा जा रहा है पानी
तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण करते सिंचाई विभाग के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
गंगा पर बिजनौर और हरिद्वार से भी पानी का डिस्चार्ज लगातार चल रहा है। बुधवार को भी जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। जलस्तर में वृद्धि की आशंका को लेकर सिंचाई विभाग प्रशासन और राजस्व प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
सिंचाई विभाग गंगा के कच्चे बांधों की निगरानी में जुटा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार बांधों की मरम्मत और निगरानी का कार्य कर रहे हैं। कछला गंगाघाट पर गंगा के पानी ने घाटों तक दस्तक दे दी है।
जिससे कांवड़ियों को गंगास्नान में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कादरगंज क्षेत्र में भी गंगा नदी में उफान को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। उन्हें बांधों के कटने का खतरा है। लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।
वहीं काली नदी का पानी भी खेतों में भरा है और काली नदी की धार भी लगातार कटान कर रही है। अब तक कई पेड़ काली नदी में समा चुके हैं। हजारा नहर में भी पानी काफी है। हजारा नहर के किनारे लगातार कट रहे हैं।
इन गांवों पर बाढ़ का खतरा
अभयपुर, रामपुर, चकपुरा, बघेला पुख्ता, बरौदा, दतलाना, खड़ेरी पुख्ता, सुन्नगढ़ी, बस्तौली, ब्राह्मपुर, बगवास, इंद्राजसनपुर, सनौड़ी, सिहीमनपुख्ता, नरदौली, पनसौनी, हटकटरी, नौली, फतुआबाद, हिम्मतनरग, जघेरा, जिझौल आदि गांवों पर बाढ़ का खतरा है।
जिलाधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि जिले में बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम पहले से ही कर दिए गए हैं। कहीं भी जिले में गंगा का पानी आबादी क्षेत्रों में नहीं पहुंचा है। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सभी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन सक्रिय है।