आगरा शहर के एक और बिल्डर के खिलाफ थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित दरोगा की पत्नी है। उनका कहना है कि बिल्डर ने नालंद क्राउन प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कर रकम ले ली। इसके बाद कब्जा नहीं दिया। जमा रकम वापस मांगने पर धमकी दी। घर से भगा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
लोहामंडी परिसर स्थित सरकारी आवास में रहने वाली आरती ने मुकदमा दर्ज कराया। उनके पति प्रेम कुमार दरोगा है। थाना लोहामंडी में तैनात हैं। उन्होंने लिखा कि नालंदा टावर, सिकंदरा निवासी संतोष कटारा एक निजी विद्यालय में अध्यापक थे। वह पुलिसकर्मियों के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आते थे। तब उनकी भी मुलाकात हो गई। वह उनके बच्चों को भी पढ़ाने लगे। वर्ष 2013 में संतोष कटारा ने बताया कि ट्यूशन पढ़ाना छोड़ दिया है। अब वह बिल्डिंग बनाकर फ्लैट बेच रहे हैं। उनके प्रोजेक्ट में चार लाख रुपये एडवांस देने पर बुकिंग की जा रही है। दो वर्ष में कब्जा दे दिया जाएगा। बाकी रकम किस्त में ली जाएगी। आरती से भी एक फ्लैट लेने के लिए कहा। इस पर उन्होंने साइट देखी।
नहीं दिया फ्लैट
आरती के मुताबिक, उन्होंने पति से सहमति लेने के बाद बिल्डर के कार्यालय में जाकर रकम अदा कर दी। संतोष कटारा ने आठ दिन बाद बुकिंग धनराशि की रसीदें नालंदा क्राउन फ्लैट 605 की दी। मगर, आज तक फ्लैट नहीं दिया। रकम भी नहीं लौटाई। वह अगस्त में बिल्डर के आवास पर गईं। अपनी रकम मांगी। मगर, बिल्डर ने धक्के देकर भगा दिया। पूरा प्रोजेक्ट बेचने के बारे में बताया। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि बिल्डर संतोष कटारा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और गालीगलौज की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।