यूपी पुलिस की गोली से लखनऊ में एपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी ही नहीं मथुरा में भी कई निर्दोषों की जान गई है। बदमाश समझकर कहीं कारोबारी को मार डाला तो कहीं पुलिस की गोली से बच्चे की जान चली गई। जिले में पांच लाख के कुख्यात अपराधी और एक ग्रामीण में पुलिस अंतर नहीं समझ पाई। बीच गांव में ग्रामीणों को गोली मार दी गई थी। जिससे उसकी मौत हो गई। कई युवक पुलिस की गोली से घायल भी हो चुके हैं।
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तस्वीरें: विवेक तिवारी ही नहीं यूपी पुलिस की गोली से यहां भी मारे जा चुके हैं पांच निर्दोष
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विवेक तिवारी हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की मौत ने मथुरा की उन वारदात को ताजा कर दिया है, जिसमें पुलिस की गोली से कई निर्दोष लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रात के वक्त खेत पर जा रहे ग्रामीणों पर भी पुलिस वाले गोलियां चला चुके हैं। पुलिस वालों ने ग्रामीणों को रुकने का इशारा किया था। जब वह नहीं रुके तो फायर कर दिया। कइयों को ऐसे जख्म हुए कि सही से चल फिर भी नहीं पाते हैं। आज भी यह पूछते हैं...कोई यह तो बता दे कि उनका कुसूर क्या था।
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firing
- फोटो : अमर उजाला
केस वन
कृष्णानगर में 8 दिसंबर 2016 की रात को करीब 10:30 बजे पुलिस वालों ने एक बाइक चालक को रुकने का इशारा किया था। जब वो नहीं रुका तो पुलिस वालों ने उस पर गोली चला दी। उसकी मौत हो गई। यह युवक आगरा के सीकरी क्षेत्र का रहने वाला था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
केस दो
शेरगढ़ थाने के गांव विशंभरा में 2 अगस्त 2017 को पुलिस ने कुख्यात बदमाश साहून की गिरफ्तारी को दबिश दी थी। यहां पुलिस को देख जब गांव का एक युवक भागा तो पुलिस वालों ने उस पर गोलियां चला दीं। युवक की मौत हो गई थी। युवक गांव में आटा चक्की चलाता था।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
केस तीन
हाईवे थाना क्षेत्र के गांव मोहनपुर अड़ूकी में 17 जनवरी 2018 को पुलिस चेकिंग पर थी। इसी दौरान पुलिस वालों ने बाग की तरफ यह कहकर गोली चला दी कि बदमाश हैं। पुलिस वालों की गोली से आठ साल के बालक माधव की मौत हो गई थी। इस मामले की अभी भी जांच चल रही है।
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फाइल फोटो
केस चार
शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नौगांव में पुलिस द्वारा की जा रही जबरन वसूली को लेकर ग्रामीण पुलिस वालों से भिड़ गए थे, जिसमें पुलिस ने गोली चला दी। दो की मौत हो गई थी। यह घटना 19 मार्च 2013 की है। इस मामले में 7 पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह मामला प्रदेश की सुर्खियां बना था।
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विवेक तिवारी
- फोटो : amar ujala
सपा के प्रवक्ता और एमएलसी संजय लाठर ने कहा कि मथुरा में पुलिस ने पांच निर्दोषों को मारा था। हमने एक-एक मुद्दा विधान परिषद में उठाया था। संजय लाठर ने बताया कि इस समय पुलिस पूरी तरह से निरंकुश हो चुकी है। कब किस पर गोली चला दी जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लखनऊ में निर्दोष को गोली मारने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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विवेक तिवारी की कार
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि लखनऊ की घटना वाकई दुखद है। दोषी पुलिस वालों के खिलाफ 302 में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मृतक के परिवार के साथ सरकार की पूरी संवेदना है। उन्होंने कहा कि वर्दी का दुरुपयोग चाहे सिपाही करे या अधिकारी, जेल भेजे जाएंगे। पुलिस आम जनता की सुरक्षा के लिए है न कि लोगों के साथ दबंगई दिखाने के लिए।