फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ साल बाद इंसाफ: फिरोजाबाद में पति-पत्नी की हत्या करने वाले चार भाइयों समेत पांच को उम्रकैद की सजा

Tue, 27 Sep 2022 05:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

मक्खनपुर क्षेत्र के गांव जलालपुर मरघटी में नौ वर्ष पूर्व जमीन की रंजिश के चलते पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इनमें से एक की मौत हो चुकी है। अदालत ने पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 
विज्ञापन
जिला एवं सत्र न्यायालय फिरोजाबाद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फिरोजाबाद के अपर जिला जज द्वितीय इफराक अहमद ने हत्याकांड में चार सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीन दोषियों पर 85-85 हजार और दो पर 75-75 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह हत्याकांड 27 अक्तूबर 2013 को थाना मक्खनपुर के गांव जलालपुर मरघटी में हुआ था।  

विज्ञापन


गांव जलालपुर मरघटी निवासी मुकेश कुमार की जमीन पर गांव के रघुवीर ने कब्जा कर लिया था। इसका मुकदमा पहले से चल रहा था। इसी को लेकर रघुवीर का परिवार रंजिश मानता था। 27 अक्तूबर 2013 को सुबह साढ़े छह बजे रघुवीर के पुत्र मिली कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुकेश कुमार पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग की थी। बचाव के लिए मुकेश मकान के कमरे में घुस गया, जहां उसकी पत्नी सुनीता देवी थी।

आरोपियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसमें मुकेश की पत्नी सुनीता देवी की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि मुकेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतक के भाई पंचम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सहदेव, श्रीकृष्ण, रामलखन, नरेंद्र पुत्र सूरतराम और सुरेंद्र सिंह व मिली कुमार उर्फ लुप्पी पुत्र रघुवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

एक आरोपी की हो चुकी है मौत 

सभी आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान सुरेंद्र सिंह की मौत होने के कारण फाइल बंद कर दी। दोहरे हत्याकांड में पांच आरोपी शेष थे। मामला शेषन के सुपुर्द होकर सुनवाई को अपर जिला जज द्वितीय इफराक अहमद के न्यायालय में पहुंचा। 

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार यादव एडवोकेट ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीमकोर्ट की दलीलों को रखते हुए सख्त सजा दिलाने की पहल की। फाइल पर उपलब्ध साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर अपर जिला जज द्वितीय इफराक अहमद ने दोषी पाए सहदेव, श्रीकृष्ण, रामलखन व नरेंद्र कुमार (सगे भाई) और मिली कुमार उर्फ लुप्पी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

13 गवाहों की हुई पेशी 

मक्खनपुर के नौ वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड के मामले में की सुनवाई के दौरान न्यायालय में 13 गवाहों की पेशी हुई। इसमें वादी पंचम सिंह के अलावा थाना प्रभारी, एसआई समेत अन्य लोग शामिल थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें