खेरागढ़ के गांव भाकर निवासी मनीष पत्थर कारीगर हैं। वर्तमान में कुरुक्षेत्र में काम करने गए हैं। तीन साल पहले राजस्थान की रहने वाली संगीता से उनकी शादी हुई थी। उसकी 14 महीने की एक बेटी है। बुधवार रात करीब 10 बजे सीएचसी खेरागढ़ में संगीता ने एक और बेटी को जन्म दिया था। मनीष के पिता पुरुषोत्तम ने बताया कि रविवार को वह अपनी फर्नीचर की दुकान पर गए थे। उनकी पत्नी रामवती छोटे बेटे के साथ रिश्तेदारी में गई थी। सुबह संगीता से मिलने के लिए उसकी मां और भतीजा आए थे। वह दोनों दोपहर एक बजे चले गए। घर में बहू संगीता दोनों बेटियों के साथ अकेली थी।
दोपहर दो बजे पड़ोसी संगीता के रोने की आवाज सुनकर उनके घर पहुंचे तो उसने बेटी की मौत की जानकारी दी। पड़ोस में रहने वाले संगीता के जेठ भोला आ गए। उन्होंने अन्य परिजन को जानकारी दी। इसके बाद शाम पांच बजे बच्ची को थाना खेरागढ़ लेकर पहुंच गए। इस पर पुलिस ने बच्ची को सीएचसी भेजा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुरुषोत्तम ने आरोप लगाया कि संगीता दूसरी बेटी होने से परेशान थी। बड़ी बेटी को दूध भी नहीं पिलाया करती थी। दूसरी बेटी के जन्म देने पर भी ऐसा ही व्यवहार कर रही थी। उसने अपनी मां और भतीजे के जाने के बाद बेटी को मार डाला। बच्ची के गले पर चोट के निशान हैं। एसीपी खेरागढ़ प्रीता सिंह ने बताया कि नवजात बच्ची की मौत की सूचना पर जांच की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। परिजन की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बच्ची की मां पर हत्या का आरोप लगाया है। इस पर पूछताछ की गई, लेकिन वो कुछ भी नहीं बता रही है।