आगरा में बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में इस बार जन्माष्टमी का आयोजन नहीं होगा। श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल समिति के नाम पर चल रहे विवाद की वजह से पदाधिकारियों ने 5 दिवसीय धार्मिक आयोजन निरस्त कर दिए। इससे 16 वर्ष पुरानी परंपरा टूट गई है। कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी हो गई थीं।
भक्तों के मुताबिक, बल्केश्वर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर 150 साल पुराना है। इसमें महालक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। जिस दिन महालक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित की गई, उसी दिन दुर्गा माता की प्रतिमा माईथान में स्थापित की गई थी। वर्ष 2015 में समिति का पंजीकरण कराया गया था। इसमें 104 सदस्य हैं।
मंदिर परिसर में 16 साल से जन्माष्टमी का आयोजन होता आ रहा है। यह पांच दिन चलता है। निशान यात्रा भी निकाली जाती है। श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल रजिस्टर्ड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि 13 से 17 अगस्त जन्माष्टमी का आयोजन होना था। मगर दिसंबर 2024 से कुछ पूर्व सदस्य व्यवधान पैदा कर रहे थे।
मामले में हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इस पर चिट फंड अधिकारी को 6 सप्ताह में मामले निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। इसे देखते हुए आयोजन को निरस्त कर दिया गया है। जिन लोगों से सहयोग राशि ली गई थी, उसको वापस कराना भी शुरू करा दिया गया है।
आयोजन पर आपत्ति नहीं
उधर, श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल बिंदल ने बताया कि संस्था के आयोजन से कोई आपत्ति न तो कभी थी और न है, न ही भविष्य में रहेगी। उनका विरोध सिर्फ संस्था के नाम पर था। संस्था का नाम चिट्स फंड में विवादित है। कार्यकारिणी के गठन में नियमों की अनदेखी हुई। पूर्व में श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल रजिस्टर्ड की कार्यकारिणी का गठन हुआ था। इसमें अध्यक्ष विशाल बिंदल, महामंत्री विकास मित्तल और कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता सहित अन्य थे। मगर, गलत तरीके से कार्यकारिणी का गठन किया। चंदा इकट्ठा किया। इस पर चिट्स फंड कार्यालय में शिकायत की थी।