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UP:  डावर ग्रुप चेयरमैन से 5 करोड़ की डिमांड, हाथ से लिखा गया पत्र...पुलिस जांच में जुटी

Tue, 14 Oct 2025 09:01 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन व प्रमुख उद्योगपति पूरन डावर को ब्लैकमेल कर उनसे पांच करोड़ रुपये की मांग की गई। आयकर विभाग में फाइल रुकवाने के नाम पर भरतपुर हाउस स्थित उनकी कोठी पर 4 पन्नों का पत्र पहुंचाया गया था। 
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पूरन डावर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 मैं तुम्हारा शुभचिंतक एक अति आवश्यक सूचना दे रहा हूं। तुम्हारा कोई अपना खास जो तुम्हारी सारी संपत्ति की जानकारी रखता है। यहां तक कि कितनी किस-किस शहर में है, कितने एनजीओ चल रहे हैं? कितनी जमीनों पर गैरकानूनी कब्जा है? कितनी एक तो कितनी दो नंबर की हैं? कई साै करोड़ का हिसाब किताब, और भी बहुत कुछ...। यह सब डावर ग्रुप के चेयरमैन को भेजे गए पत्र में लिखा गया था।
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पूरन डावर ने बताया कि पत्र हस्तलिखित था। राइटिंग भी काफी अच्छी है। इससे लग रहा है कि पत्र भेजने वाला काफी पढ़ा-लिखा है। मगर जो आरोपी पकड़े गए हैं, वह कम पढ़े लिखे हैं। पत्र में लिखा था कि उसे फाइल संजय प्लेस स्थित आईटी के रेड विभाग के सीक्रेट ऑफिस में देखी थी। यह फाइल रेड कमिश्नर के पास जाने वाली थी। उसने उसे रुकवा दिया।

इसके बदले में कर्मचारियों ने 10 करोड़ की मांग की थी। बाद में 5 करोड़ पर आ गए थे। उन्होंने अपने अहसान का हवाला देकर रुकवा दिया। उन्होंने कमिश्नर को काफी प्रभावशाली भी बताया। इस कारण किसी तरह की पहुंच लगाने से मना कर दिया। रुपये गुरद्वारा गुरु का ताल स्थित एक चाय की दुकान में पार्सल में पर्ची लगाकर देकर आने की बात कही थी।
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की जा रही है पूछताछ
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि डावर ग्रुप के चेयरमैन से पांच करोड़ रुपये मांगे गए थे। इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
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पूरे खेल के पीछे कोई और
पुलिस ने चाय विक्रेता को भी पकड़ लिया। उससे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए दोनों लोग पूर्व में उद्योगपति की फैक्टरी में मजदूरी का कार्य करने के लिए गए थे। हालांकि जिस तरह से रकम मांगने की योजना बनाई गई, वह कोई मजदूर वर्ग का व्यक्ति नहीं कर सकता है। पकड़े गए दोनों लोग पढ़े-लिखे भी नहीं हैं। इसलिए पुलिस तीनों की काॅल डिटेल खंगाल रही है। उनके संपर्क में काैन लोग हैं, यह पता किया जा रहा है। यह भी हो सकता है कि पर्दे के पीछे कोई और हो। पकड़े गए लोगों को रुपयों का लालच देकर बुलाया गया होगा।
 
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