कासगंज में रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी बसें।
कासगंज। मंडलीय गोपनीय जांच में निगम में पांच संविदा चालक-परिचालकों को बसों से हटा दिया गया है। ये सभी बाहर से आने वाली बसों के अपने समकक्ष सहयोगियों को व्हाट्एसप ग्रुप के जरिए अधिकारियों द्वारा की जाने वाली चेकिंग की जानकारी देते थे। मामले की जांच अभी जांच जारी है, माना जा रहा है कि कई चालक-परिचालकों नप सकते हैं। ये चालक-परिचालक राजमार्ग पर निगम द्वारा की जाने वाली चेकिंग की जानकारी बाहरी डिपो के 120 चालक-परिचालक को व्हाट्एसप ग्रुप पर जानकारी देते थे। इस ग्रुप में गाजियाबाद, बरेली, बदायूं, अलीगढ़, आगरा, गाजियाबाद, इटावा के चालक-परिचालक जुड़े हुए थे। इससे राजस्व की हानि हो रही थी। मामले में गोपनीय मंडलीय जांच बैठाई गई। इसमें इस जांच में कासगंज डिपो के चालक दल के पांच-चालक परिचालक दोषी पाया गया है। मामले में अभी जांच जारी है। इसमें और भी चालक-परिचालकों पर कार्रवाई हो सकती है। एआरएमओम प्रकाश का कहना है कि मंडलीय गोपनीय जांच में निगम के पांच संविदा चालक-परिचालकों को सूचना लीक के मामले में बसों से हटाया गया है। मामले में अभी जांच जारी है। बाहरी डिपो को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।