आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात को पुलिस ने मिट्टी का अवैध खनन पकड़ लिया। जेसीबी से खुदाई करके मिट्टी को डंपरों में भरकर बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने दो डंपर, एक जेसीबी सहित पांच लोगों को मौके से पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
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एत्मादपुर, शाहदरा से खंदौली, हाथरस की ओर बड़ी संख्या में डंपरों में मिट्टी भरकर ले जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस पर बृहस्पतिवार रात तकरीबन एक बजे एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद थाना हरीपर्वत और ताजगंज की टीम के साथ जंगल में पहुंच गए।
झरना नाला के जंगल में जेसीबी से मिट्टी खोदी जा रही थी। पुलिस ने दो डंपर और एक जेसीबी के साथ चार लोग पकड़ लिए। आरोपियों में छलेसर निवासी नीरज ठाकुर, मथुरा के सनोई निवासी सोनवीर, बरहन निवासी अरविंद और टेढ़ी बगिया निवासी विशाल हैं।
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डंपर मालिक भी गिरफ्तार
उन्होंने पूछताछ में बताया कि ट्रांस यमुना कॉलोनी फेज एक निवासी पवन उपाध्याय और मनोज उपाध्याय डंपर मालिक हैं। दोनों चोरी छिपे खनन करा रहे हैं। पुलिस ने पवन उपाध्याय को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी ने बताया कि अवैध खनन कर मिट्टी चोरी करने की शिकायत मिल रही थी। इस पर कार्रवाई की गई थी। थाना एत्माद्दौला में मुकदमा दर्ज कराया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजा गया है।
कंपनी की आड़ में कर रहे थे चोरी
एसपी सिटी ने बताया कि एनएच-2 पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए मिट्टी खनन का पट्टा कंपनी ने ले रखा है। इसकी आड़ में अवैध खनन किया जा रहा था। डंपर चालक मिट्टी लेकर जाते थे तो कंपनी का पट्टा बताने पर पकड़ने का कोई डर नहीं रहता था।
एक रात में कमाते हैं 15 हजार रुपये
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह जेसीबी से डंपर में मिट्टी भरते हैं। इसके बाद डंपर को शाहदरा होते हुए खंदौली और हाथरस लेकर जाते हैं। एक डंपर 2500 से तीन हजार रुपये में बिक जाता है। एक रात में चार से पांच चक्कर लगा लेते हैं।
दो थानों की सीमा
झरना नाला के जंगल में जिस जगह पर अवैध खनन हो रहा था, वह क्षेत्र एत्माद्दौला-एत्मादपुर थाना का सीमा क्षेत्र है। दोनों थानों की पुलिस हाईवे पर रहती है। इसके बावजूद अवैध खनन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पूर्व में भी खनन के मामले पकड़े गए
- जून 2019 में खेरागढ़ क्षेत्र में खनन माफिया ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। एक सिपाही और राहगीर घायल हो गए थे। पिनाहट में वन कर्मियों को कुचलने का प्रयास किया था। एक गुर्गा पकड़ा गया था। मगर, माफिया तक पुलिस नहीं पहुंच सकी थी।
- नवंबर 2019 में खनन माफिया ने इरादतनगर में ट्रैक्टर ट्रॉली रोकने पर सिपाही को गोली मार दी थी। हालांकि बाद में आरोपी पकड़ा गया था। इसके बावजूद पुलिस खनन को नहीं रोक सकी। खनन की बालू लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली अब भी इरादतनगर में दौड़ रही हैं।
- नवंबर 2019 में सिकंदरा थाना के पास के गांव गढ़ी बाईंपुर में अवैध खनन का मामला सामने आया था। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। बाईंपुर में यमुना किनारे पर लगे बालू के ढेरों के बारे में पता किया था। आरोपियों को चिह्नित किया था।
- दिसंबर 2019 में आगरा-मथुरा हाईवे पर सींगना के समीप तड़के चार बजे खनन माफिया के गुर्गोें ने चीता मोबाइल के सिपाही को बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलने की कोशिश की थी। हमले में दोनों सिपाही घायल हो गए थे। पुलिस ने तीन लोगों को ट्रैक्टर समेत पकड़ा था।
- जनवरी में शमसाबाद रोड पर अवैध खनन की बालू को बिक्री के लिए भंडारण करने पर पुलिस ने चार दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दुकानदारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि पुलिस की कार्रवाई कुछ ही दिन में ठंडे बस्ते में चली गई।