थाना शाहगंज के टैक्सी चालक की हत्या के मामले में पांच आरोपियों को 17 साल बाद बरी कर दिया गया। उनके खिलाफ अभियोजन ठोस साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर सका। गवाहों के बयानों में भिन्नता मिली। इस पर स्पेशल जज (एससी-एसटी एक्ट) रामनरेश मौर्य ने साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी किया।
इस मामले में नगला रूमान, डौकी निवासी ऊदल सिंह ने 26 मार्च 2002 को मुकदमा दर्ज कराया था। ऊदल का छोटा भाई प्रेम सिंह शाहगंज स्थित यूनिक ट्रेवल्स में चालक का काम करता था।
सात दिसंबर 2001 को प्रेम सिंह की गाड़ी को आगरा फोर्ट स्टेशन से आरोपी शहीद नगर निवासी मुन्ना खां, अरनौटा निवासी रवि तोमर, पिनाहट निवासी उमाशंकर, सादाबाद निवासी तेजवीर सिंह और इरादत नगर निवासी राकेश यादव किराये पर करके ले गए थे।