एससी-एसटी एक्ट व मारपीट व अन्य आरोपों में अदालत ने थाना शमसाबाद के गांव खेड़ा निवासी जगदीश, दिलीप, रामस्वरूप, सोनू और राकेश को दोषी पाया। एडीजे-2 एससी-एसटी कोर्ट ने सभी दोषियों को 5-5 साल कारावास के साथ 65-65 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। दो आरोपियों की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो गई।
थाना शमशाबाद में दर्ज केस के अनुसार खेड़ा निवासी प्यारेलाल ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि गांव के जगदीश, दिलीप, रामस्वरूप, सोनू और राकेश से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। 3 मार्च 2008 को आरोपी अन्य परिजन के साथ हाथों में धारदार हथियार और लाठी डंडे से उनके भाई, भतीजे पत्नी और बेटी के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इस मामले में पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। 10 मार्च 2008 को आरोपी सोनू और राकेश को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेजा था। अन्य आरोपियों ने अदालत में आत्म समर्पण किया था। विवेचक ने 24 अप्रैल को अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।