नगर निगम चुनाव के मतदाता पहली बार नोटा (नन आफ द अवब) का प्रयोग करेंगे। जिस मतदाता को अपने वार्ड का पार्षद प्रत्याशी या शहर का मेयर प्रत्याशी पसंद न हो, वह इस विकल्प का प्रयोग कर सकता है। ईवीएम (इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन) में यह इसका बटन सबसे आखिर में होगा।
बता दें कि इस बार नगर निगम का चुनाव ईवीएम से होगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में ईवीएम का बंदोबस्त कर लिया गया है। दस नवंबर को तय हो जाएगा कि किस वार्ड में कितने प्रत्याशी चुनावी मैदान में रहेंगे और कितने मेयर पद के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा।
इसके बाद निर्धारित होगा कि किस वार्ड के किस मतदान स्थल पर कितनी ईवीएम लगेंगी। ईवीएम पर सभी प्रत्याशियों का नाम और उनका चुनाव चिह्न अंकित होगा। सबसे आखिर में नोटा का विकल्प दिया जाएगा।
दरअसल, निर्वाचन आयोग ने नोटा को वर्ष 2013 में मान्या दी। इसके बाद ईवीएम से हुए सभी चुनावों में इसका विकल्प दिया गया। नगर निगम चुनाव के लिए यह पहला मौका होगा, जब मतदाताओं नोटा का बटन दबाने का मौका मिलेगा।