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ऑक्सफोर्ड में पहली बार हिंदी में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, आंबेडकर विश्वविद्यालय करेगा प्रतिनिधित्व

Sun, 11 Nov 2018 04:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है। 16 नवंबर, 2018 को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, लंदन में संस्थान के सहयोग से संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के 1100 वर्षों के इतिहास में पहली बार हिंदी में कोई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। 
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केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पहली बार कोई प्रतिनिधिमंडल ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जा रहा है। टीम का नेतृत्व डॉ. प्रदीप श्रीधर ही करेंगे। संगोष्ठी में भारत के अलावा मॉरीशस, चीन, अमेरिका और लंदन के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय लंदन और लंदन की साहित्यिक संस्था कथा (यूके) के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इसका विषय ‘यूके में हिंदी प्रवासी साहित्य (तेजेंद्र शर्मा के विशेष संदर्भ में)’ है। विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में आयोजित वार्ता में डॉ. अजय शर्मा, योगेश डावर आदि मौजूद रहे। 
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उद्घाटन सत्र हाउस ऑफ कॉमन्स में

संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र हाउस ऑफ कॉमन्स, लंदन में 15 नवंबर को होगा। वैचारिक सत्र 16 नवंबर को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में है। समापन सत्र 24 नवंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में होगा।  
 
ये शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे

अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध पत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की ओर से कुछ शोध पत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें भारत से
प्रो. प्रदीप श्रीधर का ‘यूके का प्रवासी हिंदी साहित्य (तेजेंद्र शर्मा के विशेष संदर्भ में)’, भारत से ही डॉ. शिखा श्रीधर ‘भारतीय प्रवासी लेखन’ और मॉरीशस से
डॉ. तनुजा पदारथ ‘यूके के प्रवासी कथा साहित्य में विस्थापन की विभीषिका बनाम जिजीविषा’ विषय पर शोध पत्र होगा। इन शोध पत्र में अंग्रेजी में लिखे
गए वाक्यों को हटाने के लिए कहा गया है। पूरी तरह से हिंदी में ही शोध पत्र प्रस्तुत किया जाना है। 
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