कासगंज। 1 जुलाई से भारतीय दंड संहिता बदलकर भारतीय न्याय संहिता हो गई। इसके तहत ही हत्या, बलात्कार, चोरी, डकैती, मारपीट आदि तमाम अपराधों के लिए लगाई जाने वाली धाराएं भी बदल गईं। भारतीय न्याय संहिता के तहत जिले के पटियाली थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। जो कि मारपीट का था। शाम 8 बजे तक दो एफआईआर दर्ज की गईं।
भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत थाना पटियाली में दर्ज मुकदमे के अनुसार, उजीर सिंह सोमवार 1 जुलाई की सुबह 6 बजे आम के बाग में था। इसी दौरान गांव के कालीचरन, रवेंद्र सिंह, जुगेंद्र सिंह एवं विकास कुमार वहां आ गए और गाली गलौज करते हुए आम तोड़ने लगे। आरोप है कि जब उजीर सिंह ने इसका विरोध किया तो चारों ने उसे लाठी-डंडों से पीटा। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ 115(2), 352, 351(2) एवं 324(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं दूसरे मुकदमे में सावित्री निवासी गांव नीवरी ने अपने पति अनोखेलाल एवं पुत्र रवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सावित्री का कहना है कि उसका पति अनोखेलाल एवं पुत्र रवि शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करते हैं। गाली गलौज करते हैं। घर से बाहर निकाल देते हैं। पीड़िता की तहरीर पर 115(2), 352, 351(2) एवं 351(3) के तहत नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के तहत पहला मुकदमा पटियाली में दर्ज किया गया है। दूसरा मुकदमा कासगंज थाने में दर्ज हुआ है। सभी पुलिस अधिकारियों को न्याय संहिता के बारे में समझाने के लिए कार्यशालाएं भी लगाई गईं हैं।