आगरा। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिला एवं तहसील स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक ली। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों व मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने खनन, परिवहन, पुलिस, वन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से रोस्टर तैयार कर सीमावर्ती क्षेत्रों व प्रमुख मार्गों पर सघन जांच अभियान चलाने के आदेश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग को हिदायत दी कि बिना नंबर प्लेट, बिना एचएसआरपी या नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहनों का तत्काल चालान कर उन्हें सीज किया जाए।
इसके साथ ही बिना वैध रॉयल्टी के खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों पर भी नकेल कसने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन संबंधी सभी अनुमतियां केवल ऑनलाइन प्रक्रिया से ही जारी होंगी और नियमानुसार खनन स्थल का अनुमति से पूर्व व कार्य पूरा होने के बाद ड्रोन सर्वे और फोटोग्राफी कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने साप्ताहिक निरीक्षण कर संयुक्त जांच रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, डीएफओ राजेश कुमार, एआरटीओ आलोक अग्रवाल, संबंधित एसीपी और एसडीएम मौजूद रहे।
चंबल अभयारण्य क्षेत्र में सीसीटीवी से निगरानी
डीएम ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध बालू व रेत खनन की रोकथाम के लिए सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिये निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए। जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने विभागीय कार्रवाई व सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जानकारी दी।