फिरोजाबाद जिले के गांव पैगू गढ़ी में 104 घंटे बाद श्यामवीर के शव का अंतिम संस्कार हो सका। जिला प्रशासन ने परिजनों की मांगे मानी, तब वे लोग अंतिम संस्कार को राजी हुए।
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सपा विधायक की मौजूदगी में प्रशासनिक अफसरों से परिजनों ने बातचीत की। ग्रामीणों ने सिरसागंज के एसडीएम और सीओ को भी हटाने के साथ एफआईआर की जांच करने की मांग रखी।
थाना सिरसागंज के गांव पैगू गढ़ी निवासी श्यामवीर यादव पुत्र मानसिंह की 21 मई को पीट-पीटकर हत्या गांव सेनावली के कुछ लोगों ने कर दी थी। इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है।
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ये है घटनाक्रम
गांव में तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
घटना के बाद गांव पहुंचे सिरसागंज के सपा विधायक हरिओम यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय प्रताप छोटू और श्यामवीर के परिजन भाजपा नेता जयवीर सिंह और उनके बेटों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने पर अड़े थे।
पुलिस ने इससे साफ इंकार कर दिया। इससे बात बिगड़ी तो उसे संभालने में पूरे पांच दिन लग गए। भीड़ को भड़काने के आरोप में सिरसागंज विधायक एवं उनके बेटे सहित पांच लोगों को जेल जाना पड़ा।
इसके बाद श्यामवीर के परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव लेने को तैयार नहीं हुए। मंगलवार रात को मुनादी करने के बाद श्याम का शव प्रशासन वापस जिला अस्पताल ले आया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
प्रशासन ने मानी ये मांगें
गांव पैगू गढ़ी में एकत्र ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
श्यामवीर के परिवार के लोग इस बात पर अड़े रहे जेल भेजे गए लोग रिहा किए जाए और परिवार के जो पुरूष गायब हैं उन्हें सामने लाया जाए, तभी शव का अंतिम संस्कार होगा।
गुरुवार को विधायक हरिओम सहित पांचों लोग जेल से रिहा हुए। इनके रिहा होते ही प्रशासन ने शुक्रवार को सुबह आठ बजे श्यामवीर के शव का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर ली।
विधायक हरिओम यादव, विजय प्रताप छोटू और पूर्व विधायक अजीम भाई गांव पहुंचे। एडीएम अतुल सिंह ने आश्वासन दिया कि मृतक की पत्नी के नाम 15 बीघा जमीन का पट्टा करने के साथ किसान बीमा योजना के पांच लाख रुपए दिए जाएंगे।
शव के पास खड़े परिजन और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों ने एसडीएम सिरसागंज और सीओ को हटाने की मांग भी रखी। एफआईआर की जांच करके असली दोषियों पर कार्रवाई हो। इस पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया।
शाम को करीब सवा चार बजे श्यामवीर का शव पोस्टमार्टम हाउस से शव वाहन से गांव पैगू गढ़ी ले जाया गया। शव पहुंचते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। श्याम के पांच बच्चों के साथ पत्नी का रोते-रोते बुरा हाल था।
गमगीन माहौल में श्यामवीर के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि श्यामवीर के भाई धमेंद्र यादव ने दी। इस तरह करीब हत्या के 104 घंटे बाद श्यामवीर के शव का अंतिम संस्कार हो सका।
उधर, डीएम नेहा शर्मा ने श्यामवीर हत्याकांड की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए हैं। यह जांच नगर मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह को सौंपी गई है। डीएम ने पूरे घटनाक्रम की शीघ्र ही जांच करके पूरी रिपोर्ट देने के भी आदेश दिए हैं।