टोरंट पावर कंपनी का जो बिल लगाया गया था उस पर सर्विस नंबर गलत था, इससे सत्यापन नहीं हो सका। फर्म का कोई कार्यालय और गोदाम भी नहीं दिखाया गया था। जांच में सामने आया कि बोगस व अस्तित्वहीन फर्मों से खरीद घोषित की गई है।
वाणिज्य कर विभाग (राज्य कर) की जांच में टोरंट का फर्जी बिल लगाकर फर्जी फर्म बनाने और उससे कर चोरी करने का मामला सामने आया है। कारोबारी ने एक अस्तित्वहीन फर्म का पंजीकरण कराया। बिना किसी माल की वास्तविक आपूर्ति किए केवल कागजों पर बिलों का आदान-प्रदान कर 1.62 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठा कर चोरी की। मामले में लोहामंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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राज्य कर खंड जीएसटी-2 के उपायुक्त विजय बहादुर ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि विभाग में यूबी इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म का पंजीकरण कराया गया था। इसका पता ग्वालियर रोड पर दर्शाया गया। फर्म संचालक उमेश कुमार व्यास ने वर्ष 2020 में ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद वर्ष 2022 में पंजीकरण प्रभावी किया गया। फर्म में कॉपर के स्क्रैप की खरीद और बिक्री का काम होना दर्शाया गया था।
विशेष अनुसंधान शाखा की ओर से जब पंजीकरण में दर्शाए गए नंबर पर बात करने की कोशिश की गई तो वह बंद पाए गए। दर्शाए गए पते पर फर्म स्वामी का भी अता-पता नहीं चल सका। इसके साथ ही टोरंट पावर कंपनी का जो बिल लगाया गया था उस पर सर्विस नंबर गलत था, इससे सत्यापन नहीं हो सका। फर्म का कोई कार्यालय और गोदाम भी नहीं दिखाया गया था।
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जांच में सामने आया कि बोगस व अस्तित्वहीन फर्मों से बिना वास्तविक आपूर्ति प्राप्त किए केवल प्रपत्रों का आदान-प्रदान करते हुए खरीद (इनवर्ड सप्लाई) घोषित की गई है। इस बोगस इनवर्ड सप्लाई के सापेक्ष अर्जित आईटीसी क्लेम की गई। बिना वास्तविक आपूर्ति के आईटीसी का दावा जीएसटी अधिनियम की धारा 16 के अंतर्गत अनुमन्य नहीं है।
फर्म की ओर से इस प्रकार अनुचित रूप से प्राप्त की गई आईटीसी का उपयोग अपनी बिक्री (आउटवर्ड सप्लाई) की करदेयता के निस्तारण में किया गया है। इस प्रकार व्यापारी ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 1,62,35,492 रुपये की राजस्व क्षति की। सुनियोजित तरीके से आईटीसी का अनुचित लाभ पहुंचाने और अनुचित रूप से प्राप्त की गई आईटीसी का उपयोग अपनी करदेयता के निस्तारण में करते हुए कर चोरी की गई है। एडीसीपी सिटी हिमांशु गौरव ने बताया कि मामले में साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।