मैनपुरी। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में अग्निकांड की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। लेकिन जिले में आग बुझाने के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी हैं। अग्रिशमन विभाग के पास मात्र चार फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ी हैं। वहीं छह में से दो तहसीलों में अभी तक शासन अग्रिशमन विभाग की सब स्टेशन का निर्माण तक नहीं करा पाया है।
गर्मियों में आग की घटनाएं बढ़ने पर अग्रिशमन विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित होते हैं। जिले के अग्रिशमन विभाग की बात करें तो जिला मुख्यालय के साथ ही बेवर, किशनी और करहल में सब स्टेशन संचालित हैं। जिला मुख्यालय पर दो अग्रिशमन की गाडिय़ां हैं जबकि सब स्टेशनों पर एक-एक गाड़ी है। गर्मियों के समय में आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। कभी-कभी एक साथ ही सात-सात, आठ-आठ स्थानों पर आग की घटनाएं होती हैं। तब विभाग खाली हाथ दिखाई देता है। हालांकि विभाग के पास चार पंप हैं लेकिन ये पंप तभी काम करेंगे जब आग की घटना के पास में कहीं भरा हुआ पानी मिले। ऐसे में इनसे तो कोई लाभ मिलता दिखाई नहीं देता है।
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सात दिन में सात स्थानों पर हुई आग की घटनाएं लाखों का नुकसान
पिछले सात दिनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सात स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुईं। जिसमें एक जानवर की मौत हुई वहीं लाखों का नुकसान हुआ। यदि समय रहते अग्रिशमन विभाग की गाडिय़ां पहुंची होतीं तो यहां बड़ा नुकसान होने से बच सकता था। वहीं एक किसानी की भैंस की ही जलकर मौत हो गई।
अग्रिशमन विभाग की स्थिति एक नजर में
जिला मुख्याल- दो बड़ी गाड़ी क्षमता 4500 लीटर, एक छोटी वाटर मिस्ट क्षमता 400 लीटर, एक जीप, एक पंप बेवर सब स्टेशन- एक बड़ी गाड़ी क्षमता 4500 लीटर, एक जीप, एक पंप किशनी सब स्टेशन- एक बड़ी गाड़ी क्षमता 4500 लीटर, एक जीप, एक पंप करहल सब स्टेशन- एक बड़ी गाड़ी क्षमता 4500 लीटर, एक जीप, एक पंप
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आग लगे तो इन नंबरों पर करें कॉल
101, 112, 9454418467
आग की घटनाओं को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड पूरी तरह से तैयार है। जहां से भी सूचना मिलती है वहां तुरंत गाड़ी भेजी जाती है। इस समय आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय से एक गाड़ी घिरोर तहसील पर खड़ी की गई है। उपलब्ध संसाधनों से आग की घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
-यदुनाथ सिंह, मुख्य अग्रिशमन अधिकारी