आगरा के थाना रकाबगंज के बाहर रखीं मुकदमों से संबंधित गाड़ियों में मंगलवार सुबह आग लग गई। यह तेजी से फैलती गई। दमकल केपहुंचने तक दो गाड़ियां बुरी तरह जल गई। 20 मिनट में आग बुझी। हैरानी की बात यह रही कि इसी थाने की गाड़ियों में दो महीने में तीसरी बार आग लगी है।
इस बार उन गाड़ियों में आग लगी जो थाना के एकदम बाहर खड़ी हैं। इससे पहले दो बार थाने के अंदर खड़ी गाड़ियों में आग लगी। हर बार पुलिस इसकी वजह शार्ट सर्किट बता रही है लेकिन सवाल उठ रहा है कि बार बार आग लग क्यों लग गई है? अगर तार ढीले हैं तो उन्हें ठीक क्यों नहीं कराया जा रहा है?
थाने के बाहर कारें एक के ऊपर एक खड़ी हैं। इनमें ही आग लगी। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गाड़ियों के पास ही मीटर लगा है। उसमें ही शार्ट सर्किट हुई, चिंगारी निकली और कारों में आग लग गई।
उठ रहे सवाल
1. बिजली के मीटर और तारों के पास गाड़ियों को क्यों रखा गया है?
2. एक बार आग लगने पर ढीले वायर ठीक क्यों नहीं कराए गए?
3. कहीं ऐसा तो नहीं कि गाड़ियों से सामान चोरी हो जाने पर आग लगाई जा रही हो?
4. पहले दो बार आग लगने की जांच क्यों नहीं कराई गई?