ये बोले ग्रीन गैस लिमिटेड के अधिकारी
ग्रीन गैस लिमिटेड के प्रोजेक्ट चीफ मैनेजर विनय भारद्वाज ने बताया कि एयरटेल कंपनी ने अपनी लाइन बिछाई के लिए खोदाई की और हमारी लाइन से सटाकर बिछा दी। इससे ग्रीन गैस की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। चैंबर और पत्थरों से ढके नाले में गैस भर गई, किसी तरह इसमें आग लग गई और इससे करीब 20 हजार कनेक्शन प्रभावित हुए। एयरटेल के खिलाफ थाने में तहरीरी दी है।
सुमित 70 फीसदी जला, बच्चा झुलसा
घटना के समय सुबह पेड़ के पास खड़े 25 साल के सुमित कुमार और छह साल का गोलू भी आग की चपेट में आ गए। इसमें सुमित के हाथ-पैर और छाती, मुंह समेत शरीर का करीब 70 फीसदी हिस्सा जल गया है। गोलू के हाथ, पैर जल गए हैं। दोनों का इलाज एसएन इमरजेंसी में चल रहा है। 112 पर फोन करने के बाद पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर दोनों को भर्ती किया। नगला बूढ़ी के रहने वाले दिनेश कुमार ने बताया कि आग की लपटें 100 मीटर तक उठ रही थीं। नाले में भी आग लगी थी, इसके नीचे ही गैस का चैंबर था। इससे लोग दूर भाग खड़े हो गए। आधा घंटे तक क्षेत्रीय लोग ही आग बुझाने के लिए मशक्कत करते रहे।
12 घंटे तक 20 हजार परिवारों में आपूर्ति रही ठप
- पीएनजी की लाइन में आग लगने से केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड, दयालबाग, कमला नगर, न्यूआगरा, बल्केश्वर में करीब 20 हजार परिवारों के यहां गैस की आपूर्ति ठप हो गई। सुबह महिलाओं ने नाश्ता और चाय के लिए चूल्हा जलाया तो गैस की आपूर्ति नहीं हो रही थी। पड़ोसियों के यहां भी ही ऐसा ही हाल था। बाद में पता चला कि लाइन में आग लग गई है, रात आठ बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। दयालबाग की रहने वाली श्वेता जादौन ने बताया कि सुबह बच्चों के लिए नाश्ता बनाने के लिए चूल्हा जलाया तो गैस ही नहीं आ रही थी। पड़ोसियों की भी आपूर्ति नहीं हो रही थी। ऐसे में घर में अतिरिक्त गैस सिलिंडर से नाश्ता बनाकर बच्चों को स्कूल भेजा।