आगरा के ककुआ गांव में चार मंजिला इमारत में आग लगने से लाइब्रेरी में पढ़ रहे करीब 100 छात्र और कई परिवार फंस गए। फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशिक्षु आईपीएस अभय डागा की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि चार छात्रों को रस्सी के सहारे रेस्क्यू किया गया।
आगरा-ग्वालियर रोड पर ककुआ गांव के पास शनिवार शाम चार मंजिला इमारत में आग लग गई। इमारत में लाइब्रेरी में करीब 100 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। ऊपर के तल पर दो परिवार और कुछ पॉलिटेक्निक छात्र रह रहे थे। कुछ ही देर में आग विकराल हो गई। छोटे सिलिंडरों में धमाके भी हुए। सूचना पर पहुंचे एसीपी सैंया और फायर ब्रिगेड टीम ने सभी को सुरक्षित निकाला।
विज्ञापन
ककुआ निवासी भाइयों कोमल, चितरंजन और अनिल ने चार मंजिला कॉम्प्लेक्स बना रखा है। भूतल पर दुकानें हैं, बेसमेंट और दूसरी मंजिल पर लाइब्रेरी संचालित होती है। उसके ऊपर बने फ्लैटों में दो परिवार किराए पर और एक फ्लैट में पॉलिटेक्निक के छह छात्र रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शी छात्र आकाश ने बताया कि शाम करीब 5:30 बजे इमारत में आग लगी। नीचे कबाड़ का गोदाम है, वहीं से आग लगी। आग लगने के समय लाइब्रेरी में करीब 100 छात्र पढ़ रहे थे। धुआं देखकर दहशत में आ गए।
विज्ञापन
प्रशिक्षु आईपीएस ने दिखाई हिम्मत
इमारत में रह रहे कैलाश रघुवंशी ने बताया कि आग लगने के दौरान प्रशिक्षु आईपीएस अभय डागा वहां से गुजर रहे थे। वह रुके और बिल्डिंग के अंदर पहुंचकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए। सूचना पर फायर ब्रिगेड और एसीपी सैंया सुकन्या शर्मा भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गईं। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि लोग दहशत में बिल्डिंग के पास जाने में भी डर रहे थे। पुलिस और फायरकर्मियों ने सभी को सुरक्षित निकाला। आग बुझाने में डेढ़ घंटे से अधिक समय लगा।
सिलिंडर में हुए धमाके से मची भगदड़
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शाम करीब 5:30 बजे आग लगने की सूचना मिली। दमकल की 6 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इमारत में रखे छोटे गैस सिलिंडरों में धमाके होने लगे। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
रस्सी के सहारे निकाले गए चार छात्र
इमारत में राजू रघुवंशी और अधिवक्ता योगेंद्र चौधरी अपने परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। तीन कमरों के फ्लैट में पीयूष कनौजिया निवासी गोरखपुर, नरेंद्र वर्मा निवासी मैनपुरी, हर्षित कुमार निवासी हरदोई और दिनेश कुमार निवासी इटावा अपने दो दोस्तों के साथ रहते हैं। यह सभी पॉलिटेक्निक के छात्र हैं। आग लगने पर किराएदार और उनके परिवार के लोगों को पुलिस ने निकाल लिया था, पर छात्र ऊपर ही फंस गए थे। फायरकर्मियों ने पीछे की तरफ से चारों को रस्सी के सहारे निकाला।