कासगंज। तहसील क्षेत्र के गांव रायपुर में एक ही परिवार के तीन सगे भाईयों पर आग का कहर लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को तीनों भाइयों के संयुक्त 11 बीघा खेत में गेहूं की फसल में अकारण आग लग गई और कुछ ही देर में खेत की पूरी फसल जलकर राख हो गई। जबकि आसपास के खेतों में कोई प्रभाव नजर नहीं आया। वहीं, उनके घेर में रखे गन्ने में भी आग लग गई और गन्ने भी जल गए।
रायपुर गांव में तीन सगे भाई रूप सिंह, कन्हई पाल एवं विजेंद्र सिंह हैं। उनके घर में पिछले 7 दिनों से लगातार आग लग रही है। अब तक आग लगने की घटना 100 से अधिक बार लग चुकी है। बृहस्पतिवार को इस परिवार पर बड़ा संकट तब टूटा जब उनके 11 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की पकी फसल अपराह्न के समय धू-धूकर जल उठी। मौके पर खड़ी दमकल की गाड़ी भी फसल को नहीं बचा पाई। ग्रामीणों ने आग बुझाने की तमाम कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। आग से 40 क्विंटल से अधिक गेहूं और भूसे की क्षति का एक लाख रुपये से अधिक का आकलन किया जा रहा है। आग की सूचना पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे। राजस्वकर्मी भी मौके पर पहुंचे हैं। क्षति का आकलन किया जा रहा है। अपर जिलाधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि नियमानुसार फसल जलने पर पीड़ित परिवार को मदद दी जाएगी। इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
परिवार के लोगों व ग्रामीणों में दहशत
कासगंज। रायपुर गांव में तीन सगे भाईयों के घर में हो रही आगजनी की घटना से परिवार के लोग दहशत में हैं। अब तक घर में ही आग लगने की घटना हो रही थी, लेकिन खेत में आग लगने से गेहूं की फसल जल गई। जिससे पूरे परिवार के लोग बेहद परेशान और भयभीत हैं। वहीं गांव के अन्य लोग भी अब दहशत में आ रहे हैं। उनकी समझ में नहीं आ रहा कि आग लगने पीछे क्या कारण है।
अलर्ट पर रही फायर ब्रिगेड भी नहीं आई काम
कासगंज। लगातार हो रही आग लगने की घटना के कारण सीएफओ ने एक फायर ब्रिगेड को गांव में तैनात किया है, लेकिन जब खेत में आग लगने की घटना हुई तो पहले गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई, लेकिन जब काफी मशक्कत के बाद गाड़ी स्टॉर्ट की गई फिर इंजन पंप ने काम नहीं किया।
रात में घर में हुई थी पूजा, दोपहर तक बनी रही राहत
कासगंज। पीड़ित परिवार के लोगों ने बुधवार की रात्रि को भजन कीर्तन व जागरण किया। देवी देवताओं की पूजा अर्चना की, लेकिन दोपहर तक घर में आगजनी की कोई घटना नहीं हुई तो परिवार के लोग काफी राहत महसूस करने लगे। उन्हें लगा कि अब राहत मिल जाएगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई और उनके खेत में और घेर के गन्ने में आग लग गई।