आगरा। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के ट्रांस यमुना फेज-द्वितीय स्थित उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला की मौत के मामले में मृतका के पति ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम-5) न्यायालय में परिवाद दाखिल कर डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। कोर्ट के आदेश पर डॉ. अनिल कुमार राजपूत, अन्य चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसकी पत्नी की मौत हुई लेकिन पुलिस ने शिकायत के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की। मूलरूप से ग्राम असवा, पोस्ट अजबपुर निवासी रेशू पुत्र धीरेंद्र सिंह भदौरिया ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में कहा है कि उसकी पत्नी माला सिंह का गर्भावस्था के दौरान उत्तम हॉस्पिटल में नियमित उपचार चल रहा था। अस्पताल में कराई गई खून, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों में मां और गर्भस्थ शिशु को स्वस्थ बताया गया था। प्रसव पीड़ा होने पर 15 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन की सलाह देते हुए 20 हजार रुपये जमा करा लिए। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने घोर लापरवाही बरती, जिसके कारण उसकी पत्नी की मौत हो गई। आरोप है कि काफी देर बाद उन्हें घटना की जानकारी दी गई, जबकि इससे पहले अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया था। बाद में बताया गया कि प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्ची सुरक्षित है। मृतका की मौत का कारण पूछने पर डॉक्टर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। करीब छह घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया गया, जिस पर वादी ने सवाल उठाते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोप है कि कि उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
गौरतलब है कि उत्तम हॉस्पिटल को हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने पर चिकित्सकीय सेवाएं बंद करा दी थीं और संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेजा था। सीएमओ डाॅ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है प्रसूता की मौत के बाद जांच कराई। ये बिना पंजीकरण के संचालित होने पर अस्पताल बंद कराते हुए संबंधित थाने में एफआईआर के लिए भी तहरीर दी थी।