कासगंज। महिला से दुष्कर्म के प्रयास में दो लेखपालों के खिलाफ एफआईआर के आदेश के बाद संगठन लामबंद हो गया है। संगठन ने कार्रवाई की निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही एसडीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई निरस्त करने की मांग की है।
लेखपाल संघ पदाधिकारियों ने कहा है कि 12 अगस्त को तहसील परिसर में कथित किसान यूनियन के लोगों ने हंगामा किया। लेखपालों के साथ अभद्रता की। हंगामा करने वालों के खिलाफ कासगंज कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया। सोची साजिश के तहत लेखपाल नरेश पाल सिंह और नाहर सिंह के साथ मारपीट की गई और अब एक महिला को आगे बढ़ा कर साजिशन लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई कराई गई है। यह द्वेशवष है।
यदि लेखपालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई तो लेखपाल संवर्ग का मनोबल टूटेगा और फील्ड का काम करने वाले कर्मचारियेां का काम करना मुश्किल होगा। ऐसे में कार्रवाई को रोका जाए। लेखपाल संवर्ग ने मांग की है कि तत्काल इस तरह की कार्रवाई को निरस्त कराने के कदम उठाए जाएं। तहसील अध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह और तहसील सचित सुदीप चौहान ने एसडीएम ललित कुमार को पत्र भेजा है।