विद्युत विभाग के अधिकारियों ने अकोला पहुंचकर ग्रामीणों से दोबारा मीटर लगवाने के संबंध में बैठक की। ग्रामीणों को फिर से उन्हीं स्मार्ट मीटरों को लगवाने के लिए समझाया, लेकिन ग्रामीण इसके लिए सहमत नहीं हुए।
आगरा के कस्बा अकोला में स्मार्ट मीटर के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद विद्युत विभाग ने कार्रवाई की है। कागारौल के विद्युत उपखंड अधिकारी हिमांशु गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने 16 नामजद और करीब 600 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, बिजली आपूर्ति बाधित करने और राजस्व हानि पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
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कागारौल के विद्युत उप खंड अधिकारी हिमांशु गुप्ता ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब 7:30 बजे ग्राम अकोला सहित आसपास के गांवों के लोग 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र अकोला पर जुट आए थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने पहले उपकेंद्र पर मौजूद एसएसओ से बिजली आपूर्ति चालू न करने का दबाव बनाया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं उपकेंद्र पर पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
सैकड़ों लोग अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर साथ लाए थे, जिन्हें उपकेंद्र परिसर में फेंककर तोड़फोड़ की गई। तोड़फोड़ से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मामले में पुलिस ने टिंकू उर्फ मोरध्वज, रविंद्र, पंकज, सचिन, रवि, ओम, रविंद्र सिंह, अजय, सहदेव, राजकुमार, उदयवीर, बेताल, नारायण, कुलदीप, कृष्णवीर, यतेंद्र समेत 16 लोगों को नामजद किया है। आरोप है कि नामजद आरोपी भीड़ को उकसा रहे थे और पूरे घटनाक्रम का नेतृत्व कर रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी खामियां, अधिक बिलिंग की समस्या लगातार सामने आ रही है, जिससे वे लंबे समय से परेशान हैं और इसी कारण विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ग्रामीणों में कार्रवाई को लेकर असंतोष भी देखा जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने अकोला पहुंचकर ग्रामीणों से दोबारा मीटर लगवाने के संबंध में बैठक की। ग्रामीणों को फिर से उन्हीं स्मार्ट मीटरों को लगवाने के लिए समझाया, लेकिन ग्रामीण इसके लिए सहमत नहीं हुए। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने कहा कि पुराने पारंपरिक मीटरों को लगाया जाए। दोबारा से स्मार्ट मीटर लगाए गए तो किसान यूनियन को धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।