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अवैध निर्माण पर एफआईआर, कार्रवाई पर अफसर चुप

Tue, 21 Feb 2017 01:02 AM IST
अवैध निर्माण पर एफआईआर, कार्रवाई पर अफसर चुप
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लाल किला
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संसद ने सख्त कानून बनाया ताकि ऐतिहासिक धरोहरें अतिक्रमण, अवैध निर्माण से बच सकें, लेकिन यहां तो जिन अफसरों पर धरोहरों को बचाने की जिम्मेदारी है, वही आंखें मूंदे बैठे हैं। ताजा मामला संरक्षित स्मारक आरसी सिमेट्री के 100 मीटर दायरे में नेहरू नगर का है, जहां अवैध निर्माण पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की एफआईआर के बाद भी धड़ल्ले से निर्माण जारी है। एएसआई कर्मचारी रोकने गए तो डपट कर भगा दिए गए।
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नेहरू नगर में एएसआई ने पुलिस चौकी के पास निषिद्ध गर्ग पुत्र राकेश गर्ग के खिलाफ अवैध निर्माण करने पर एफआईआर दर्ज कराई है। उनका निर्माण संरक्षित स्मारक आरसी सिमेट्री के 100 मीटर दायरे में है। एएसआई के एफआईआर दर्ज कराने के बाद अवैध निर्माण दिन और रात में कराया जा रहा है। एएसआई ने नोटिस भी भेजे, लेकिन एडीए और पुलिस ने काम नहीं रुकवाया। थाना न्यू आगरा और नेहरू नगर पुलिस चौकी इस अवैध निर्माण से चंद कदमों की दूरी पर है। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डा. भुवन विक्रम ने बताया कि अवैध निर्माण पर विभाग केवल एफआईआर दर्ज करा सकता है, कार्रवाई पुलिस और एडीए को करनी है। हमने प्रशासन को पूरी सूची सौंप दी है।

1296 अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण के आदेश
ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, सिकंदरा, एत्माद्दौला जैसे स्मारकों के प्रतिबंधित 100 मीटर दायरे में आगरा सर्किल में 1694 अवैध निर्माण है। इनमें से 1656 पर एएसआई ने एफआईआर दर्ज करा रखी है। एएसआई डायरेक्टर जनरल कार्यालय से 1296 को तोड़ने के आदेश भी जारी हो चुके हैं, जिनमें से 225 फाइलें डीएम के पास ध्वस्तीकरण कराने के लिए भेजी जा चुकी हैं, लेकिन इनमें से एक भी अवैध निर्माण तोड़ा नहीं गया है। वह भी तब, जब आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी की याचिका पर हाईकोर्ट स्मारकों के आसपास सभी अवैध निर्माणों को तोड़ने के आदेश दे चुका है। चार सप्ताह में आदेश तामील करने को कहा गया था, लेकिन 8 महीने बाद भी न तो पुराने अवैध निर्माण ही तोड़े गए और न ही नए अवैध निर्माणों को रोका जा रहा है। एडीए और पुलिस की शह से अवैध निर्माण करने वाले दिन-रात काम करवा रहे हैं। 
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