आगरा। सिकंदरा थाने की पुलिस बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी सहित अन्य मामले की आरोपी महिला को वारंट पर गिरफ्तार करने के बाद थाने में पिटाई के आरोप में फंस गई है। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बटेश्वर कुमार ने थाने में पिटाई और तोड़फोड़ के आरोप में तीन दरोगा सुरजीत सिंह, निलेश शर्मा, नेहा और हेड कांस्टेबल सीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने निर्देश दिए कि थाना प्रभारी एक दिन में प्राथमिकी की कॉपी भी पेश करेंगे। पुलिस आयुक्त एक महीने में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई से अवगत कराएंगे। मामले से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक को भी भेजी जाएगी। कोर्ट ने मामले को मानवाधिकार और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन माना है।
थाना शाहगंज में वर्ष 2018 में बलवा, मारपीट, गालीगलौज, धमकी आदि धारा में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें किरावली मोड़, रुनकता निवासी सीमा सिकरवार के खिलाफ वारंट था। सिकंदरा पुलिस ने शुक्रवार को सीमा सिकरवार को गिरफ्तार किया। इसके बाद कोर्ट में पेश करने के लिए ले गई थी। सीमा ने आरोपी दरोगाओं और सिपाही पर थाने में पिटाई करने के आरोप लगाए थे।
सीमा ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में कहा था कि सिकंदरा थाने में उन्हें उल्टा गिराकर बेल्ट से पीटा गया। गाली दी गई। इससे पहले पुलिसकर्मियों ने घर की अलमारी खंगाल जरूरी दस्तावेज निकाल लिए, घर में तोड़फोड़ की।
किसी तरह की मारपीट नहींगैर जमानती वारंट जारी होने पर महिला को गिरफ्तार किया गया था। उनसे किसी तरह की मारपीट नहीं की गई है। कोर्ट के आदेश के क्रम में रिवीजन डाला जाएगा। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी