भगवान टाकीज फ्लाईओवर के पास हाईवे की सर्विस लेन धंसने से हुए 15 फुट गहरे गड्ढे में डूबकर मरने वाला शख्स शाहगंज के न्यू ख्वासपुरा का जूता कारीगर शाकिर अली था। समाचार पत्रों में उसकी मौत की खबर के प्रकाशित उसकी फोटो देखकर उसके परिवारीजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव देखकर शनाख्त की। उनके बेटे वसीम उर्फ बबलू ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ न्यू आगरा थाना में दुघर्टना में मृत्यु ( धारा 304 ए ) के तहत केस दर्ज कराया है। इसमें नगर निगम के अधिकारी भी फंस सकते हैं। एफआईआर में निगम का नाम सीधे नहीं है लेकिन एनएचएआई के अलावा अन्य संबंधित महकमे का जिक्र है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शाकिर खंदारी के पास बंबई वाली बगीची स्थित फुट स्टाइल जूता फैक्ट्री में जूता कारीगर थे। उनका बेटा आशिफ और बहनोई सलाउद्दीन भी फैक्ट्री में काम करते हैं। गुरुवार रात आठ बजे फैक्ट्री से शाकिर बेटे आशिफ के साथ साइकिल से निकले थे। खंदारी पर आशिफ ने उन्हें छोड़ा। इसके बाद शाकिर आटो से भगवान टाकीज चले गए। यहां सड़क पार करते समय बारिश में हुए गड्ढे में वह समा गए।
परिवारीजनों ने बताया कि रात तकरीबन 10 बजे तक उनके घर नहीं पहुंचने पर तलाश की। सुबह घटना की जानकारी होने पर थाना पहुंचे। बबलू का कहना है कि वह लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए अब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखेंगे। हो सका तो वह लखनऊ में जाकर उनसे शिकायत करेंगे।
..ताकि और किसी की जिंदगी न जाए
शाकिर अली के परिवार के साथ क्षेत्र के लोग भी हैं। उनका कहना है कि आए आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी आंखें मूंदे बैठे रहते हैं। उनकी लापरवाही से कई लोगों की जान चली जाती है। मुख्यमंत्री से शिकायत करके इस तरह के हादसों को रोकने की मांग की जाएगी, जिससे किसी की जान न जाए। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
:: प्रशासन ने नहीं दिया मुआवजा
शाकिर अली की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है। शाकिर चार बेटे बबलू, चांद, बंटी और आशिफ हैं, जबकि बेटी शारिका और फरहीन हैं। पत्नी फरजाना बेगम हैं। परिवार के आंसू नहीं रुक रहे। हादसे के बाद भी प्रशासन की ओर से भी कोई मदद नहीं मिली है। किसी अधिकारी ने उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी। चांद और आशिफ की शादी नहीं हुई है। शाकिर 30 साल से फुट स्टाइल फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।
ट्रैफिक जाम ने पहुंचाया था गड्ढे में
मृतक के बेटे आशिफ ने बताया कि वह पिता को भगवान टाकीज तक साइकिल पर लेकर आता था। वहां से वे आटो से घर जाते थे, लेकिन खंदारी पर गुरुवार को जाम लगा हुआ था। साइकिल से दोनों जाम में फंस गए। इस कारण शाकिर पैदल ही चले गए। आशिफ रोते हुए यही कह रहा था कि काश जाम नहीं लगा होता तो पिता को वह खुद लेकर जाता और वह हादसे का शिकार नहीं होते।
बवाल में 60 के खिलाफ केस
आगरा। शाकिर की मौत के बाद हुए बवाल में पुलिस ने 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा, सेवन सीएलए एक्ट में केस दर्ज किया है। बता दें, लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ की थी। जाम लगाया था। पुलिस ने लाठी फटकारकर उन्हें खदेड़ा था। एसओ ने बताया कि बवाल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
तीन साल तक की हो सकती है कैद
आगरा। सीनियर एडवोकेट अचल शर्मा ने बताया कि धारा 304 ए में दोष सिद्ध होने पर एक से तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। अगर पीड़ित चाहे तो संबंधित विभाग के खिलाफ मुआवजे का दावा भी कर सकता है। इसी तरह गड्ढे के चलते किसी की जान चले जाने, घायल हो जाने या वाहन में नुकसान होने पर हर्जाने के दावे केसाथ एफआईआर की जा सकती है।