ताजनगरी के लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के कई बड़े शहरों के मुकाबले यहां की हवा ठीक है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) की ताजा रिपोर्ट में आगरा टॉप टेन प्रदूषित शहरों की सूची में नहीं है। सबसे ज्यादा दूषित हवा वाराणसी की है। वायु प्रदूषण के मामले में बरेली दूसरे और कानपुर तीसरे नंबर पर है। 21 शहरों की सूची में हापुड़ की हवा सबसे अच्छी पाई गई है।
यूपीपीसीबी ने जुलाई माह में 21 शहरों के कई क्षेत्रों में वायु प्रदूषण की जांच की। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, जिन स्थानों पर सबसे अधिक प्रदूषण पाया गया, उनमें सबसे चिंताजनक स्थिति वाराणसी की है। यहां की हवा में सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (एसपीएम या पीएम 10) 237 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर मिले। जबकि कानपुर में 231 और बरेली में 219 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर थे। वहीं, आगरा में एसपीएम 149 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर था। जोकि सूची के अनुसार, 11वें नंबर पर है। हालांकि ताजनगरी के बाद दस और शहरों की हवा ठीक है। इसमें लखनऊ और नोएडा जैसे बड़े शहर भी शामिल है।
टॉप टेन की सूची
शहर पीएम 10
वाराणसी 237
कानपुर 231
बरेली 219
इलाहाबाद 199
मेरठ 188
मथुरा 186
खुर्जा 171
सहारनपुर 163
मुरादाबाद 154
गाजियाबाद 150
नोट: सभी आंकड़े माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर में हैं।
इन शहरों में हुई मॉनिटरिंग
लखनऊ, कानपुर, आगरा, सोनभद्र, गजरौला, गाजियाबाद, वाराणसी, नोएडा, फीरोजाबाद, झांसी, खुर्जा, इलाहाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, राय बरेली, मथुरा, सहारनपुर, गोरखपुर, उन्नाव, हापुड़
कम प्रदूषण वाले टॉप तीन शहर
शहर पीएम 10
हापुड़ 60.8
झांसी 64
लखनऊ 75
अप्रैल के मुकाबले कम
हुआ आगरा में प्रदूषण
यूपीपीसीबी के अप्रैल महीने की रिपोर्ट के मुताबिक आगरा में पीएम 10 327.8 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर था। जोकि मई में घटकर 246.1 और जून में 166 रह गया। जुलाई में सबसे कम 149 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया।
गंगा किनारे के शहर यमुना
के मुकाबले ज्यादा दूषित
रिपोर्ट के अनुसार, गंगा किनारे बसे वाराणसी, कानपुर और इलाहाबाद टॉप फाइव प्रदूषित शहरों में हैं। जबकि यमुना किनारे के मथुरा और आगरा की स्थिति गंगा किनारे के शहरों के मुकाबले थोड़ी ठीक है। सूची के अनुसार, मथुरा छठे और आगरा 11वें नंबर पर है।