आगरा। एलपीजी के घरेलू सिलिंडर की कमी नहीं, प्रशासन का यह दावा खोखला प्रतीत हो रहा है। गैस एजेंसियों के गोदाम और कार्यालय पर लोग सिलिंडर और बुकिंग के लिए जूझ रहे हैं। सुबह से शाम तक चक्कर काटने पर भी सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। रसोई गैस खत्म होने पर लकड़ी से चूल्हा जलाकर भोजन बनाने के लिए महिलाएं मजबूर हैं।
दोपहर के करीब दो बजे यमुनापार स्थित गैस एजेंसी के कार्यालय पर महिला-पुरुषों की भीड़ जमा हुई थी। फोन पर बुकिंग नहीं होने पर लोग कार्यालय पहुंचे। यहां कोई सुनवाई नहीं हुई। घंटों धूप में खड़े होने से लोग हंगामा करने लगे। कर्मचारियों और लोगों के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई। ऐसे ही हालात दयालबाग, राजपुर चुंगी, शाहगंज, ईदगाह समेत लगभग हर एजेंसी पर रहे। लोग सुबह से शाम तक एजेंसी के गोदाम-कार्यालय पर चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
सिलिंडर नहीं मिला
फोन नंबर बंद आने से गैस बुकिंग नहीं हो रही है। चार-पांच दिन से एजेंसी के कार्यालय-गोदाम पर भी चक्कर लगा रहा हूं, फिर भी बुकिंग नहीं हुई। पत्नी लकड़ी से चूल्हा जलाकर भोजन बना रही है।
भूपेंद्र सिंह, मंडी समिति यमुनापार
छोटे बच्चों को घर छोड़ लगा रही चक्कर
पति है नहीं, छोटे बच्चे हैं। न बुकिंग हो रही है और नहीं सिलिंडर मिल पा रहा है। चार दिन से सिलिंडर के लिए एजेंसी के कार्यालय के चक्कर काट रही हूं। खाने-पीने के लिए भी लाले पड़ रहे हैं। परेशानी बढ़ रही है।
ममता रानी, सती नगर
फोन आ रहा बंद, नहीं हो रही बुकिंग
ऑनलाइन बुकिंग के लिए दिन-रात कई बार फोन मिलाते हैं। यह बंद आ रहा है, कोई रिस्पॉन्स नहीं देता। एजेंसी के गोदाम और कार्यालय पर भी जानकारी करने आता हूं, कोई सुनवाई नहीं है। सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
विशाल चौहान, यमुनापार
यमुनापार में सिलिंडर की दिक्कत
यमुनापार में सिलिंडर की दिक्कत
यमुनापार में सिलिंडर की दिक्कत