रुनकता में किरावली मार्ग पर एक मार्केट में 5 दुकान बनी हुई हैं। इनमें डुगरूपुरा, बाह निवासी पिंकू भदाैरिया उर्फ ज्ञानेंद्र सिंह मिठाई की दुकान चला रहे थे। कस्बा की ही पुष्पा देवी दुकानों को अपना बताती हैं। उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु हो चुकी है। वह दुकान खाली कराना चाहती हैं। मगर पिंकू मान नहीं रहा है। किरायानामा की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। उन्हें दो महीने पहले नोटिस दिया था। मगर उन्होंने रक्षाबंधन तक दुकान चलाने की मोहलत मांगी थी। इसके बावजूद दुकानों को खाली नहीं कराया। इस पर 20 दिन पहले ताला डाल दिया। उधर, पिंकू भदाैरिया का कहना है कि दुकानें उनकी हैं। जबरन दुकानों पर ताला डाल दिया गया। यह गलत है। मंगलवार को भी हंगामा हुआ था। पुलिस ने पुष्पा देवी की बेटी सीमा और रमा देवी को गिरफ्तार किया था। शांति भंग में जेल भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की महिलाएं दुकानों के बाहर पहुंच गईं। एक ने दुकान का ताला तोड़कर खोल दिया। इसका दूसरे ने विरोध किया। इस पर गालीगलाैज के बाद मारपीट होने लगी। यह देखकर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया। मगर कुछ देर शांत रहने के बाद सभी फिर से भिड़ गए। उनमें मारपीट होने लगी। इससे अफरातफरी मच गई। महिलाओं ने एक दूसरे पर लाठियां चलाना शुरू कर दिया। बीच बचाव कराने आए दरोगा पवन कुमार डंडा लगने से घायल हो गए। सूचना पर थाना सिकंदरा की फोर्स पहुंच गई। 8 लोगों को पकड़ लिया।
8 महिला-पुरुषों को पकड़ा
एसीपी हरीपर्वत अक्षय संजय महाडिक ने बताया कि दुकान के विवाद में मारपीट हुई थी। मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पाबंद करने की भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने पुष्पा पक्ष की आशा धाकरे, जबकि पिंकू पक्ष के जयचंद, सतीश, रचना, किरन, पूनम, मीना और अन्नू को पकड़ा है।