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Agra News: बढ़ रहा बुखार, होम्योपैथिक अस्पतालों में नहीं मिल रहा उपचार

Tue, 20 Aug 2024 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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मैनपुरी। एलोपैथिक दवाओं के साइडइफेक्ट के चलते लोग होम्योपैथिक चिकित्सा की ओर रुख कर रहे हैं। जिले में होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधाएं बदहाली का शिकार हैं। जिले में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है लेकिन डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की कमी के कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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जिला अस्पताल सहित 16 राजकीय होम्योपैथिक अस्पताल जिले में हैं। इनमें से नौ के सरकारी भवन नहीं हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयां तो पर्याप्त मात्रा में हैं लेकिन चिकित्सकों और फार्मासिस्टों की तैनाती न होने के चलते रोगियों को समुचित उपचार नहीं मिल रहा है। हालात ये हैं कि जिले में डॉक्टरों के 17 पद सृजित हैं इनमें से मात्र 7 की तैनाती है। नौ अस्पतालों में प्रतिदिन कोई डॉक्टर नहीं होता है। यही हाल फार्मासिस्ट का भी है। जिले में 16 पदों के सापेक्ष मात्र 7 फार्मासिस्ट हैं।



चार अस्पताल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सहारे
जिले में 16 होम्योपैथिक अस्पतालों के लिए रोस्टर बनाया गया है। सात डॉक्टर अलग-अलग रोस्टर के अनुसार सात अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचते हैं। वहीं पांच अस्पताल फार्मासिस्ट के हवाले हैं। 12 अस्पताल ऐसे हैं, जिनमें एक डॉक्टर या फार्मासिस्ट होता है। चार अस्पतालों में उपचार के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती है।
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इनके पास नहीं है खुद का भवन
विभागीय सूत्रों की मानें तो राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय कऊआटांडा, चितायन, नौनेर, संसारपुर, मंछना, मनौना और पुसैना किराए के भवन में चल रहे हैं। इन केंद्रों का किराया भी काफी कम है। जिसके चलते भवन स्वामी भी इनकी मरम्मत नहीं कराना चाहते।




इन अस्पतालों में नहीं हैं फार्मासिस्ट

विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिला अस्पताल, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय जिला अस्पताल, टिंडौली, रुई सिनौरा, मंछना, करीमगंज, सोनई, कोसमा, घिरोर और राजकीय होम्योपैथी चिकित्सालय नौनेर में स्थाई फार्मासिस्ट की तैनाती ही नहीं है।





चिकित्सक और फार्मासिस्टों की तैनाती के लिए शासन को लिखा गया है। वर्तमान में जो भी व्यवस्था है उसी से बेहतर ढंग से रोगियों को उपचार दिलाने का काम किया जा रहा है। चिकित्सक और फार्मासिस्टों को दूसरे अस्पतालों में संबद्ध कर उनके दिन निर्धारित किए गए हैं। - डॉ. शैलेंद्र सिंह, प्रभारी जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी
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