आगरा। नियमित वेतन की मांग पर समिति कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते बृहस्पतिवार को भी खाद का वितरण नहीं हो पा रहा है। खाद न मिलने से रबी फसलों की बोआई में बाधा आ रही है। किसानों को आलू की बोआई बंद करनी पड़ी है वहीं सरसों की बोआई का भी समय बीत रहा है।
हालांकि खाद की आस के चलते किसान दिनभर समितियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। जिले में आलू और सरसों की बोआई नहीं हो पा रही है। अधिकतर किसान 15 अक्तूबर से 10 नवंबर तक का समय आलू की बोआई के लिए बेहतर मानते हैं। वहीं सरसों की लगभग 90 फीसदी बोआई किसान पांच नवंबर तक पूरा कर लेते हैं। खाद की कमी से 60 प्रतिशत तक आलू बोआई का काम अधूरा पड़ा है।
उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह भदौरिया ने बताया कि शीर्ष नेतृत्व की सहकारिता मंत्री से शुक्रवार को वार्ता होने के बाद हड़ताल पर निर्णय लिया जाएगा।
किसानों की बात
अभी आधे से ज्यादा खेत आलू बोआई के लिए बचा है। बीज और खेत तैयार कर दिए थे। सहकारी समिति सैमरा पर खाद के लिए गया तो वह बंद मिली। खाद न मिलने के कारण बोआई रोकनी पड़ी है। - रामू, किसान बमान
खाद न मिलने से सरसों की बोआई नहीं हो सकी है। पिछले आठ दिनों से खाद के लिए भटक रहा हूं। पहले तो सचिव समिति पर खाद नहीं था। अब आया, तो बंद हैं। बोआई और देरी से हुई तो पैदावार कम होती है। - लाखन सिंह, किसान, बरहन