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अन्नदाता को ही पड़ गए ‘रोटी के लाले’

Wed, 15 Apr 2015 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि ने जिले के किसानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। सबसे अधिक मार छोटे किसानों पर पड़ी है। वर्ष भर रोटी खाने को गेहूं उगाने वाले किसान को अब रोटी के भी लाले पड़ने वाले हैं।
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भारत सरकार की गाइड लाइन के आधार पर हुए सर्वे के मुताबिक जिले में 33 फीसदी नुकसान का सर्वे किया गया है। सर्वे में जो आंकडे़ सामने आए हैं, उनके अनुसार मौसम की सर्वाधिक मार छोटे किसान पर हुई है। प्रशासन अभी किसानों की संख्या के आधार पर आंकड़ों का परीक्षण कर रहा है लेकिन नुकसान के जो आंकड़े आए हैं उनमें गेहूं की फसल को सबसे अधिक नुकसान है। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकुमार के मुताबिक जिले में करीब 109305 हेक्टेयर फसल तबाह हुई है। इसमें गेहूं करीब करीब 1.2 लाख हेक्टेयर है। सरसों दूसरे नंबर है और आलू को सबसे कम नुकसान है। इन हालातों में गरीब किसान के लिए सबसे बड़ी परेशानी है। वह अपने खेतों में गेहूं उगाकर कुछ बेच लिया करता और कुछ वर्ष भर अपने उपयोग के लिए रखता था। ऐसे में अब वह क्या बेचेगा और बचाएगा। हालात ये हैं कि उसे रोटी के लिए हाथ पसारने पड़ेंगे।
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ये है नुकसान की स्थिति
     सीमांत किसान
फसल            रकबा
गेहूं              84469 हेक्टेयर
सरसों           5461   हेक्टेयर
अन्य            1384   हेक्टेयर

     बड़े किसान
फसल             रकबा
गेहूं                17731 हेक्टेयर
सरसों              329  हेक्टेयर
अन्य                72  हेक्टेयर
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