कासगंज। शुक्रवार को दिन भर बादल छाए रहे। बादलों के गहराने से किसानों की बारिश होने की चिंता सताती रही। किसानों को बारिश होने पर गेहूं और सरसों की खेती में नुकसान होने की आशंका बढ़ रही है।
सरसों की खेती अब पक कर तैैयार हो गई हो गई। किसानों ने अपनी फसल को कटना शुरु कर दिया है। सरसों की कटाई के बाद फसल इन दिनों खेतों में हैं। थ्रेशिंग कर सरसों के निकासी का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में बादलों के गहराने से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश हो गई तो सरसों की खेत में खासा नुकसान होगा। बारिश से फसल गीली हो जाएगी और थ्रेशिंग नहीं हो पाएगी। जिससे सरसों के गीले रहने के कारण सरसों के दाने खराब होने की आशंका बढ़ जाएगी। गेहूं की फसल में इन दिनों बाली आ रही है। यदि बारिश के साथ हवा चल गई तो खेतों में ही फसल बिछ जाएगी। जिससे खासा नुकसान होगा।
किसानों की बात:
- अब सरसों की फसल पक कर तैयार हो गई है। फसल में पूरी लागत लग चुकी है। यदि ऐसे में बारिश हो गई तो तैयार फसल बर्बाद हो जाएगी। अजमत हुसैन, किसान ।
- हल्की बारिश से गेहूं की फसल में अधिक नुकसान नहीं होगा। यदि बारिश के साथ हवा चली तो यह नुकसानदायक होगा। गेहूं की फसल के उत्पादन पर असर पड़ेगा । अरूण कुमार, किसान।
- 21 तक सरसों की कटाई के लिए इंतजार
कटी हुई सरसों की फसल में गुणवत्ता पर बारिश होने पर असर पड़ सकता है। सरसों के तेल की गुणवत्ता पर भी असर हो सकता है। जिन किसानों ने अभी सरसों की कटाई नहीं की है, वह 21 मार्च के बाद कटाई करेंगे। क्यों कि 21 मार्च तक प्रशासन ने बारिश का अलर्ट दिया है। गेहूं में हल्की बारिश से नुकसान होने की आशंका नहीं है।
ब्रज विकास सिंह, कृषि वैज्ञानिक