आगरा। बेटी को आत्महत्या करने के लिए उकसाने के आरोप में अदालत ने थाना सैंया क्षेत्र के ग्राम तेहरा निवासी ठाकुर दास उर्फ घंटोली को दोषी पाया। एडीजे-28 शिव कुमार ने दोषी को पांच साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में मृतका की साैतेली मां ऊषा देवी को बरी कर दिया।
राजस्थान के जिला धौलपुर के थाना बसैड़ी के गांव बोरोली निवासी मृतका के ममेरे भाई मुकेश ने 20 मई 2012 को थाना सैंया में केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि 20 साल पहले उनकी बुआ सरजू देवी की शादी थाना सैंया क्षेत्र के ग्राम तेहरा निवासी आरोपी ठाकुर दास उर्फ घंटोली के साथ हुई थी। बेटी लक्ष्मी के जन्म के चार साल बाद बुआ की मौत हो गई।
फूफा ठाकुर दास ने ऊषा देवी नामक महिला से दूसरा विवाह कर लिया। ऊषा देवी लक्ष्मी से सौतेला व्यवहार करती थी। उसका उत्पीड़न कर मारपीट करती थी और विरोध पर कमरे में बंद कर देती। आरोपी फूफा भी अपनी बेटी लक्ष्मी के साथ मारपीट करते थे। पिता और सौतेली मां के उत्पीड़न से परेशान होकर लक्ष्मी ने 20 मई 2012 को आत्महत्या कर ली। संवाद