उन्होंने बेटे से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए दो हजार रुपयों के बारे में पूछा था। हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मृतक के पिता मुन्नालाल मूलरूप से इटावा के रहने वाले हैं। वह ईदगाह फायर स्टेशन में तैनात हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटा था। सरकारी क्वार्टर में दूसरी मंजिल पर रहते हैं। बुधवार रात को वह ड्यूटी पर थे। बेटा अभिनव कक्षा 10 का छात्र था। परिजन और अन्य कर्मियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिता ड्यूटी पर जा रहे थे, तब अभिनव मोबाइल पर गेम खेल रहा था। इस पर उन्होंने उसे डांट दिया। उसने ऑनलाइन 2000 रुपये भी किसी को ट्रांसफर किए थे। इस बारे में कहा और पढ़ाई पर ध्यान देने की कहकर चले गए थे।
पिता के जाते ही अभिनव भी घर से निकल गया। कुछ देर बाद लौटकर आया। सीधे अपने कमरे में गया। तीनों बहनें दूसरे कमरे में थीं। तभी उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वह अभिनव के कमरे में गईं। वह खून से लथपथ पड़ा था। माथे में गोली लगी थी। यह देखकर मां और बहनें चीखने लगीं। उन्होंने पिता को बताया। वह पहुंचे। बेटे को अस्पताल लेकर गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
आखिर कहां से आया तमंचा?
घटना की जानकारी पर अन्य दमकल कर्मी भी पहुंचे। अभिनव ने तमंचे से गोली चलाई थी। यह कहां से आया, पता नहीं चला है। इकलौते बेटे की मौत से परिजन के आंसू नहीं रुक रहे हैं। बृहस्पतिवार को परिजन अंतिम संस्कार के लिए बेटे का शव गांव लेकर चले गए।
नहीं मिला सुसाइड नोट
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि परिजन बात करने की स्थिति में नहीं हैं। हालांकि अन्य दमकलकर्मियों से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि बेटे को पिता ने मोबाइल में गेम खेलने पर डांट दिया था। सुसाइड नोट नहीं मिला है।
डिलीट कर दिया व्हाट्सएप
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारी के बेटे की आत्महत्या से विभाग में शोक है। टीम ने मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। मोबाइल में व्हाट्सएप नहीं मिला। इसे डिलीट किया गया था। पुलिस जांच कर रही है। इकलौते बेटे की मौत से सभी गहरे सदमे में हैं।